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दिल्ली में क्रिसमस की रौनक रही फीकी, कोरोना के चलते कड़े नियमों के साथ मनाया त्यौहार

बीते शनिवार देश भर में सभी जगह क्रिसमस का त्यौहार मनाया गया. लेकिन इस बार त्योहार की चमक बेहद फीकी रही. कोरोना की तीसरी लहर और ओमिक्रॉन के बढ़ते हुए मामलों को देखते हुए प्रशासन द्वारा कड़ी पाबंदियां लगाई गई थीं. 

तेजश्री पुरंदरे
  • नई दिल्ली ,
  • 26 दिसंबर 2021,
  • अपडेटेड 7:36 AM IST
  • कोरोना ने फीकी की क्रिसमस की रौनक
  • चर्च में आने वाले लोगों की की गई थर्मल स्कैनिंग

बीते शनिवार देश भर में सभी जगह क्रिसमस का त्यौहार मनाया गया. लेकिन इस बार त्योहार की चमक बेहद फीकी रही. कोरोना की तीसरी लहर और ओमिक्रॉन के बढ़ते हुए मामलों को देखते हुए प्रशासन द्वारा कड़ी पाबंदियां लगाई गई थीं. 

कई जगहों पर पब्लिक गैदरिंग की मनाही थी तो कई जगह कड़े दिशा-निर्देश दिए गए थे. और इन्हीं कड़ी पाबंदियों के बीच क्रिसमस मनाया गया. 

कोरोना के दिशा-निर्देशों के बीच मनाया गया क्रिसमस: 

डीडीएमए के गाइडलाइंस के मुताबिक लोगों को सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना अनिवार्य था. और एक जगह पर इकट्ठे होने वाले लोगों की संख्या भी कम रखी गई थी. जिसके चलते राजधानी में इस बार क्रिसमस की रौनक फीकी रही. 

लोधी रोड स्थित सेंटेनरी मैथोडिस्ट चर्च में लोगों का आना जाना दिन भर लगा रहा. लेकिन लोगों की संख्या में भारी गिरावट आई. 

सोशल डिस्टेंसिंग का रखा गया पूरा ध्यान: 

चर्च में दरवाजे पर ही लोगों की थर्मल स्कैनिंग की गई. सभी के लिए मास्क लगाना अनिवार्य था और सोशल डिस्टेंसिंग का भी पूरा ध्यान रखा गया. तीसरी लहर को ध्यान में रखते हुए इस बात को भी सुनिश्चित किया गया कि चर्च में प्रार्थना करने आ रहे लोगों ने वैक्सिनेशन के दोनों डोज़ लिए हुए हैं. 

बताया जा रहा है कि हर साल क्रिसमस के मौके पर बहुत ज्यादा भीड़ रहती थी और किसी को पैर रखने तक की जगह नहीं मिलती थी. लेकिन इस साल कोरोना काल के चलते भीड़ न के बराबर आई है. 

(तस्वीर साभार: मनीष झा)

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