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Diwali 2026 Diya Astro Tips: 8 नवंबर को है दीपों का त्योहार दिवाली, जानें इस दिन एक ही दीया को बार-बार जलाना शुभ होता है या अशुभ?

Diya Astro Tips: इस साल दीपों का त्योहार दिवाली 8 नवंबर 2026 को है. इस दिन मंदिर से लेकर घर में मिट्टी के दीये जलाने की परंपरा है. धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक दीपक जलाने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और अज्ञान रूपी अंधकार दूर होकर ज्ञान का प्रकाश फैलता है. आज हम आपको बता रहे हैं कि दीपावली पर एक ही दीया को बार-बार जलाना शुभ होता है या अशुभ?

Diya Astro Tips
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 31 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 9:02 AM IST

Diwali 2026: हिंदू धर्म का बहुत ही बड़ा पर्व दिवाली है. दीपावली कार्तिक मास की अमावस्या तिथि को मनाई जाती है. इस साल दीपों का त्योहार दिवाली 8 नवंबर 2026 को है. दीपावली के दिन मां लक्ष्मी व भगवान गणेश की पूजा-अर्चना के साथ मंदिर और घरों में  मिट्टी के दीये जलाने की परंपरा है.

धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक दीपक जलाने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और अज्ञान रूपी अंधकार दूर होकर ज्ञान का प्रकाश फैलता है. आज हम आपको बता रहे हैं कि दीपावली पर एक ही दीया को बार-बार जलाना शुभ होता है या अशुभ? आपको मालूम हो कि हिंदू धर्म में दीपक जलाना सिर्फ एक परंपरा नहीं है बल्कि यह पूजा-पाठ का अहम हिस्सा है. दिवाली पर दीपक जलाना सुख-समृद्धि, ज्ञान और शुभता के स्वागत का प्रतीक माना जाता है. हिंदू धर्म में अग्नि को देवता का स्वरूप माना गया है. स्कंद पुराण और पद्म पुराण में दीपदान और दीप प्रज्ज्वलन की महिमा का वर्णन मिलता है.

एक ही दीया को बार-बार जलाना शुभ होता है या अशुभ 
दीपावली पर एक ही दीया को बार-बार जलाना शुभ होता है या अशुभ, धार्मिक परंपराओं में इसको लेकर अलग-अलग मान्यताएं प्रचलित हैं. सामान्य तौर पर दीपावली, लक्ष्मी पूजन और अन्य विशेष धार्मिक अवसरों पर नए मिट्टी के दीये जलाने की परंपरा अधिक प्रचलित है. हालांकि, ऐसा कोई एक समान नियम नहीं है, जिसके मुताबिक हर परिस्थिति में पुराने दीये को दोबारा जलाना अशुभ माना जाए. यदि मिट्टी का दीया अच्छी स्थिति में है तो उसे साफ करके दोबारा इस्तेमाल किया जा सकता है. यह किसी परिवार की धार्मिक परंपरा और व्यक्तिगत श्रद्धा पर भी निर्भर करता है. दिवाली पर नए मिट्टी के दीये जलाना एक प्रचलित और शुभ परंपरा है. ऐसे में दिवाली पर हो सके तो मिट्टी के दीये ही जलाने चाहिए. 

पीतल, तांबे और स्टील के दीये जला सकते हैं दोबारा 
आपको मालूम हो कि धातु से बने दीयों का बार-बार इस्तेमाल करना सामान्य धार्मिक परंपरा का हिस्सा है. पीतल, तांबे और स्टील के दीये पूजा के बाद साफ करके दोबारा जलाए जा सकते हैं. इनका नियमित उपयोग करने को लेकर कोई धार्मिक मनाही नहीं है. हालांकि, दीपक को इस्तेमाल करने से पहले उसकी अच्छी तरह सफाई करना जरूरी है. उसमें जमी कालिख, पुराने तेल और गंदगी को हटा देना चाहिए, ताकि पूजा के दौरान दीपक स्वच्छ रहे.

दोबारा इस्तेमाल करने से पहले ऐसे करें दीये की सफाई
यदि आप दिवाली पर पुराने दीयों का इस्तेमाल करना चाहते हैं तो आपको कुछ बातों का विशेष रूप से ध्यान रखना चाहिए. पीतल और तांबे के दीये को जलाने से पहले नींबू, पानी या बर्तन साफ करने वाले पाउडर से साफ कर सकते हैं. मिट्टी के दीये यदि टूटे नहीं हैं, पूरी तरह से साबुत और अच्छी स्थिति में हैं तो आप उसमें बचे हुए तेल और कालिख को साफ करके इस्तेमाल कर सकते हैं. ध्यान रखें हर बार दीपक जलाते समय नई बाती लगाना चाहिए. दीये में साफ और ताजा तेल या घी ही डालना चाहिए. पुराने जले हुए तेल का दोबारा इस्तेमाल न करें. 

 

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