दीपावली की रात मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा की जाती है. इस दिन लोग अपने घरों में सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना के साथ दीप जलाते हैं. वहीं, कुछ लोग इस दिन धन के देवता कुबेर की भी आराधना करते हैं. मान्यता है कि मां लक्ष्मी की कृपा से घर में धन और वैभव आता है, जबकि कुबेर देव धन की रक्षा और स्थिरता को बनाए रखते हैं. दीपावली की रात शांत मन से मां लक्ष्मी और कुबेर की गुप्त पूजा को विशेष महत्व है. आइए जानते हैं इस साल पूजा का मुहूर्त, सामग्री और आसान विधि.
दीपावली पर कब है पूजा का शुभ मुहूर्त?
साल 2026 में दीपावली 8 नवंबर, रविवार को मनाई जा रही है. 8 नवंबर को अमावस्या तिथि सुबह 11 बज कर 27 मिनट से शुरू हो जाएगी और 9 नवंबर को दोपहर 12 बजकर 31 मिनट तक रहेगी. मान्यताओं के अनुसार, दीपावली पर प्रदोष काल में मां लक्ष्मी की पूजा करना शुभ माना जाता है. पुराणों में इस दौरान स्थिर वृषभ लग्न में गुप्त पूजा का विशेष महत्व बताया गया है.
गुप्त पूजा के लिए ये सामग्री रखें तैयार
पूजा शुरू करने से पहले सभी जरूरी चीजें एक जगह रख लें, ताकि बीच में उठना न पड़े. इसके लिए मां लक्ष्मी, भगवान गणेश और कुबेर देव की मूर्ति या तस्वीर, लकड़ी की चौकी, लाल या पीला कपड़ा, कलश, जल, गंगाजल, आम के पत्ते, नारियल, रोली, अक्षत, हल्दी, चंदन, मौली, फूल, धूप, अगरबत्ती, कपूर, घी और तेल के दीपक रखें. इसके अलावा फल, मिठाई, खील-बताशे और सिक्के भी पूजा के लिए रख लें.
इस तरह करें लक्ष्मी-कुबेर की पूजा
सबसे पहले घर और पूजा स्थल की सफाई कर लें. चौकी पर लाल या पीला कपड़ा बिछाकर मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित करें. पास में कुबेर देव की तस्वीर या प्रतिमा भी रखें. इसके बाद कलश में जल भरकर उसमें सुपारी और सिक्का डालें. कलश के ऊपर आम के पत्ते और नारियल रखें.
अब सबसे पहले भगवान गणेश का ध्यान करें और उन्हें फूल, दूर्वा और अक्षत अर्पित करें. इसके बाद मां लक्ष्मी को रोली, चंदन, फूल और मिठाई चढ़ाएं. कुबेर देव के सामने भी दीपक जलाकर फूल और अक्षत अर्पित करें. पूजा के दौरान 'ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः' और 'ॐ कुबेराय नमः' मंत्र का श्रद्धा से जाप करें. अंत में तीनों की आरती करें और परिवार की सुख-समृद्धि की प्रार्थना करें.
पूजा के बाद इन बातों का रखें ध्यान
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, दीपावली पर पूजा के बाद घर में दीप जलाना और जरूरतमंदों की मदद करना शुभ माना जाता है. अपनी तिजोरी और धन रखने की जगह को साफ रखना भी जरूरी है. पूजा में सबसे जरूरी चीज श्रद्धा और मन की शुद्धता है. इसलिए मन से सभी गलत भाव निकालकर भगवान से मंगल की कामना करें.
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