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देवी-देवताओं के चित्र न डालें कचरे में… लोगों को जागरूक करने का काम कर रहे ये बाबा, बाइक से कर चुके 1 लाख किलोमीटर की यात्रा 

बवंडर बाबा मध्य प्रदेश रांची के रहने वाले विनोद सनातनी हैं. इन्होंने 14 साल की उम्र में ही संन्यास ले लिया था. अपने गुरु से दीक्षा लेने के बाद बाबा ने सनातन धर्म के प्रचार के लिए यात्रा शुरू की. वे 25 राज्यों में घूम चुके हैं.

Bavandar baba
gnttv.com
  • प्रयागराज ,
  • 08 जनवरी 2025,
  • अपडेटेड 1:30 PM IST
  • 14 साल की उम्र में ही ले लिया था संन्यास 
  • उज्जैन से किया अभियान शुरू 

संगम के गंगा यमुना की रेती पर धर्म के साथ-साथ संत महात्माओं के कई रंग रूप देखने को मिल रहे हैं. ऐसे ही एक महात्मा कुंभ में आपको बाइक से घूमते मिल जाएंगे. इनके पास केसरिया बाइक है जिसपर झंडा लगा हुआ है, इन्हें लोग बवंडर बाबा के नाम से जानते हैं. बवंडर बाबा कुल 25 राज्यों में सनातन धर्म प्रचार और जन-जागरूकता के लिए तकरीबन 1.15 किलोमीटर की यात्रा बाइक से कर चुके हैं. बवंडर बाबा के मुताबिक, उनका नाम और प्रचार का विषय बवंडर मचाने वाला है. 

आपको बता दें, देश में घूम-घूमकर हिन्दू आस्था के प्रतीक देवी-देवताओं के चित्र को कचरे में नहीं डालने के लिए देशवासियों को जागरूक कर रहे हैं. उनका कहना है कि धर्म में आराध्य के चित्र और प्रतिमा को विसर्जित करने के तरीके बताए गए हैं. 

14 साल की उम्र में ही ले लिया था संन्यास 
बवंडर बाबा मध्य प्रदेश रांची के रहने वाले विनोद सनातनी हैं. इन्होंने 14 साल की उम्र में ही संन्यास ले लिया था. अपने गुरु से दीक्षा लेने के बाद बाबा ने सनातन धर्म के प्रचार के लिए यात्रा शुरू की. वे 25 राज्यों में घूम चुके हैं. भ्रमण काल के दौरान विनोद सनातनी ने देखा कि हिन्दू देवी देवताओ के चित्र और प्रतिमा को सभी लोग पूजा पाठ के बाद कचरे में फेंककर उन्हें अपमानित करते हैं. 

इसके अलावा, शादी के कैलेंडर एवं अन्य प्रयोग में देवी देवताओं के लगे चित्र को कहीं भी फेक देते हैं. इससे उनका मन बहुत बेचैन हुआ तो बाबा ने देश के लोगों को जागरूक करने की ठानी और अपनी बाइक से यात्रा पर निकल पड़े. उज्जैन कुंभ से उन्होंने खुद संकल्प लिया कि वे खुद सनातन धर्म को मानने वालों के अंदर इसके प्रति चेतना पैदा करने का काम करेंगे. इसके बाद से विनोद सनातनी ने अपनी पहचान बवंडर बाबा के रूप में बनाई. 

उज्जैन से किया अभियान शुरू 
बवंडर बाबा ने आप ये जागरूकता अभियान उज्जैन से शुरू किया. वे इसका सारा श्रेय एक साधारण कन्या को देते हैं. उनका कहना है कि हिन्दू धर्म शास्त्रों में देव प्रतिमा, चित्र, विधि विधान से विसर्जित करने के 3 तरह के (भूमि, जल एवं अग्नि) विसर्जन बताए गए हैं. जिसका सभी को पालन करना चाहिए. 

बाबा देश के 12 ज्योतिर्लिंग, 29 शक्तिपीठ सहित 25 राज्य में अपनी बाइक से यात्रा कर चुके हैं. बाबा के मुताबिक, उनकी बाइक जन-जागरण अभियान में 1.15 लाख किलोमीटर की यात्रा तय कर कुंभ क्षेत्र में पहुंची है. 

बाइक पर है सबकुछ मौजूद 
अपने जागरूकता बाइक रथ पर बाबा अपने रहने, खाने,आराम पूजा पाठ का सभी सामान रख कर चल रहे हैं. वे सनातन धर्म की ध्वजा को अपने मस्तक के समीप फहराते हुए रखते हैं. बवंडर बाबा का रथ उन हाईटेक बाबाओं की तरह ही है, जो आज के युग के साथ कदम मिला कर चल रहे हैं. उनके बाइक नुमा रथ पर उनका सोशल मीडिया संपर्क और मोबाइल नंबर लिखा हुआ है. 

(आनंद राज की रिपोर्ट) 
 

 

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