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दशहरा पर कब से कब तक कर सकते हैं शस्त्र पूजन? रावण दहन के लिए क्या है शुभ समय? जानें

विजयादशमी के दिन रावण दहन के लिए प्रदोष काल सबसे शुभ माना जाता है. हिंदू पंचांग के मुताबिक शाम 5 बजकर 47 मिनट से प्रदोष काल शुरू होगा और रात 8 बजकर 23 मिनट तक रहेगा. इस दौरान रावण का पुतला दहन करना शुभ होगा.

Dussehra 2026
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 20 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 7:27 AM IST

देशभर में आज दशहरा मनाया जा रहा है. ये पर्व हर साल आश्विन महीने के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को मनाया जाता है. मान्यता है कि इस दिन ही भगवान राम ने असुर रावण का वध किया था और लंका को असुरी शक्तियों से मुक्त कराया था. भगवान राम के विजय के दिन को ही विजयादशमी के तौर पर मनाया जाता है. इस दिन भगवान राम की पूजा होती है और रावण का पुतला दहन किया जाता है. इस दिन शस्त्र पूजन की भी परंपरा है. चलिए आपको बताते हैं कि पुतला दहन और शस्त्र पूजा शुभ मुहूर्त कब है?

दशहरा का शुभ मुहूर्त कब?
हिंदू पंचांग के मुताबिक आश्विन शुक्ल दशमी तिथि यानी दशहरा तिथि आज यानी 20 अक्तूबर को दोपहर 12 बजकर 51 मिनट पर शुरू होगी. जबकि इसका समापन 21 अक्टूबर को दोपहर 2 बजकर 11 मिनट पर होगा. इस तरह से दशहरा का त्योहार आज ही मनाया जाएगा.

कब होगी शस्त्र पूजा?
दशहरे पर हर साल शस्त्र पूजा की परंपरा है. इस साल भी ये परंपरा धूमधाम से मनाई जाएगी. माना जाता है कि इस दिन शस्त्र पूजा करने से कभी पराजय नहीं होती है. दशहरे पर शस्त्र पूजन के लिए इस साल दो मुहूर्त है. विजय मुहूर्त दोपहर एक बजकर 59 बजे से लेकर 2 बजकर 45 मिनट तक है. जबकि अपराह्न पूजा मुहूर्त दोपहर एक बजकर 14 मिनट से शाम 3 बजकर 30 मिनट तक है.

पुतला दहन का शुभ मुहूर्त-
दशहरे का त्योहार बुराई पर अच्छाई की जीत के तौर पर मनाया जाता है. इस दिन ही भगवान राम ने रावण का वध किया था. हर साल रावण का पुतला दहन किया जाता है. हर साल पुतला दहन प्रदोष काल में किया जाता है. इस साल प्रदोष काल शाम 5 बजकर 47 मिनट से शुरू होगा. जबकि रात 8 बजकर 23 मिनट तक रहने वाला है. इस दौरान रावण का पुतला दहन किया जा सकता है. रावण दहन के लिए इस अबूझ मुहूर्त को ही शुभ माना जाता है.

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