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Eid-ul-Fitr 2023: 22 या 23 अप्रैल किस दिन देश में मनाई जाएगी ईद, क्या है चांद का इस त्योहार से रिश्ता, जान लें सही डेट और महत्व

ईद-उल-फितर एक खास त्योहार है. इसी दिन पैगंबर हजरत मुहम्मद ने बद्र के युद्ध में जीत हासिल की थी. इसी खुशी में हर साल ईद मनाई जाती है. मुस्लिम समुदाय के लोग इस दिन नमाज पढ़ते हैं, गले मिलते हैं और एक-दूसरे को ईद की बधाई देते हैं.

Eid-ul-Fitr.
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 11 अप्रैल 2023,
  • अपडेटेड 4:15 PM IST
  • एक महीने तक रोजा रखने के बाद ईद-उल-फितर का त्योहार मनाया जाता है
  • अरब देशों में अगर 21 अप्रैल को चांद दिखाई नहीं देता है तो 23 अप्रैल को ईद मनाई जाएगी

ईद खुशियों का त्योहार है. इसका मुस्लिम समुदाय के लोगों में बेसब्री से इंतजार रहता है. चांद के दीदार से जैसे रमजान महीने की शुरुआत होती है, वैसे ही रमजान के आखिरी दिन चांद नजर आने के बाद ही ईद मनाई जाती है. 22 मार्च 2023 को चांद दिखने के साथ भारत में 23 मार्च से रमजान के महीने की शुरुआत हो गई है. आइए जानते हैं इस बार कब ईद मनाई जाएगी. 

एक महीने तक लगातार रोजा रखने के बाद ईद-उल-फितर का त्योहार मनाया जाता है. इस बार भारत में ईद का त्योहार 22 अप्रैल को मनाया जा सकता है. हालांकि चांद दिखने के टाइम में बदलाव के साथ ईद की तारीख में भी बदलाव हो सकता है. यह 23 अप्रैल को भी मनाया जा सकता है. पाकिस्तान में ईद के लिए 22 अप्रैल 2023 की तारीख तय की जा चुकी है. अरब देशों में अगर 21 अप्रैल को चांद दिखाई नहीं देता है तो 23 अप्रैल को ईद मनाई जा सकती है.

ईद का महत्व
इस्लामिक मान्यतानुसार इस दिन पैगंबर हजरत मुहम्मद साहब ने बद्र के युद्ध में जीत हासिल की थी. इसी खुशी में इस्लाम धर्म को मानने वाले लोग ईद का त्योहार मनाते हैं. 624 ई. में सबसे पहली बार ईद-उल-फितर मनाया गया था. एक-दूसरे से गले लगकर खुशियां जाहिर करते हैं. इस दिन लोग नए कपड़े पहनकर मस्जिद में नमाज अदा करने जाते हैं. इस दिन लोग एक-दूसरे को अपने घर पर बुलाकर सेवई और मिठाइयां खिलाते हैं. 

ईद और चांद का रिश्ता
ईद उर्दू कैलेंडर यानी हिजरी के हिसाब से मनाई जाती है. उर्दू कैलेंडर का 9वां महीना रमजान का होता है जो आमतौर पर 29 या 30 दिनों का होता है. इसके बाद 10वां महीना शव्वाल शुरू होता है, जिसकी पहली तारीख को ही ईद मनाई जाती है. उर्दू कैलेंडर का हर महीना चांद को देखकर शुरू होता है. जब नया चांद दिखाई देता है तो ही नया महीना शुरू होता है. इसी नए चांद को देखकर ईद (शव्वाल) का महीना शुरू होता है. कभी-कभी इसी चांद को लेकर मुसलमानों में मतभेद हो जाता है, जिसकी वजह से दो ईद हो जाती है.

कैसे तय होता है नया चांद
चांद पृथ्वी का चक्कर लगाता है. विज्ञान के अनुसार अगर पृथ्वी अपनी जगह ठहरी रहे. चांद परिक्रमा करता रहे तो 27 दिन में चांद पृथ्वी का एक चक्कर पूरा कर लेता है. लेकिन चांद के साथ पृथ्वी भी घूमती है. जिसकी वजह से पृथ्वी और चांद का एक चक्कर 29 दिन और कुछ घंटों में पूरा होता है. एक चक्कर को पूरा हो जाने के बाद जो चांद दिखता है, उसे नया चांद कहा जाता है.


 

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