आज गणेश चतुर्थी का पर्व है. आज घर और पंडालों में भगवान गणेश की मूर्ति स्थापित की जाती है. इस दिन भक्त पूरे विधि-विधान से बप्पा की पूजा करते हैं. ऐसे में जरूरी हो जाता है कि अगर आप भी गणपति स्थापित कर रहे हैं, तो आपको पूरी पूजा कि विधि भी पता होनी चाहिए.
गणेश चतुर्थी के दिन सुबह की शुरुआत जल्दी उठकर स्नान के साथ करें. इसके बाद साफ कपड़े पहनकर पूजा की तैयारी करें. सबसे पहले आप व्रत और पूजा करने का संकल्प लें. पूजा करने के लिए जगह की सफाई करें और वहां गणेश जी के लिए एक साफ आसन तैयार करें. इसके बाद मंत्र बोलकर भगवान गणेश का आह्वान करें और उन्हें आसन पर विराजमान करें.
एक बार जब मूर्ति को स्थापित कर लें, उसके बाद आप भगवान गणेश को स्नान कराएं. स्नान के लिए सबसे पहले पंचामृत से स्नान कराएं. इसके बाद दूध, घी, शहद और शक्कर से भगवान को स्नान कराने की परंपरा है. अंत में सुगंधित जल से गणेश जी का अभिषेक करें. इस दौरान भगवान गणेश के मंत्रों का लगातार जाप करें.
स्नान के बाद गणेश जी को साफ वस्त्र और जनेऊ अर्पित करें. इसके बाद चंदन, अक्षत, फूल, सिंदूर और माला चढ़ाएं. भगवान गणेश को दूर्वा चढ़ाना पूजा का खास हिस्सा माना जाता है. इसके साथ शमी के पत्ते भी अर्पित किए जा सकते हैं. पूजा के दौरान श्रद्धा से 'ॐ गं गणपतये नमः' मंत्र का जाप करें.
अब गणेश जी को सिंदूर का तिलक लगाएं. इसके बाद धूप और घी का दीपक जलाएं. साथ ही चंदन मिला हुआ जल भगवान को अर्पित करें. इसके बाद पान, सुपारी और दक्षिणा गणेश जी को अर्पित करें. इसके बाद गणेश जी की आरती करें और उनकी परिक्रमा करें.
पूजा के आखिर में भगवान गणेश को मोदक, लड्डू, खीर जैसे सात्विक पकवानों का भोग लगाएं. भोग लगाने के बाद आरती करें और सभी लोगों को प्रसाद बांटें. श्रद्धा और सही विधि से गणेश जी की पूजा करने से घर में सुख-शांति और शुभता बनी रहती है.