शारदीय नवरात्रि में मां दुर्गा की पूजा का विशेष महत्व है. नवरात्रि की अष्टमी और नवमी तिथि पर कन्या पूजन किया जाता है. इस दिन छोटी-छोटी कन्याओं को मां दुर्गा का रूप मानकर उनकी पूजा की जाती है. उन्हें हलवा, पूड़ी और चने का प्रसाद खिलाया जाता है.
इसके बाद कन्याओं को दक्षिणा और उपहार देने की परंपरा है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि कन्या पूजन के दौरान कुछ चीजें उपहार में देने से बचने की सलाह दी जाती है? चलिए बताते हैं कि कन्या पूजन में किन चीजों को नहीं देना चाहिए.
कन्या पूजन में क्या है इसका महत्व?
धार्मिक मान्यता के अनुसार, छोटी कन्याओं में मां दुर्गा का स्वरूप माना जाता है. इसलिए नवरात्रि में कन्या पूजन करके उनका सम्मान किया जाता है. इस दिन कन्याओं के पैर धोए जाते हैं, माथे पर तिलक लगाया जाता है और उन्हें भोजन कराया जाता है. इसके बाद अपनी श्रद्धा और क्षमता के अनुसार उपहार दिए जाते हैं. उपहार देते समय उनकी उम्र और जरूरतों का ध्यान रखना चाहिए.
1. काले रंग की चीजें देने से बचें
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, कन्या पूजन में काले रंग की वस्तुएं देना शुभ नहीं माना जाता है. इसलिए उपहार चुनते समय काले रंग के कपड़े या दूसरी चीजों की जगह लाल, गुलाबी और पीले रंग की वस्तुएं चुन सकते हैं.
2. नुकीली चीजें न करें उपहार में शामिल
कन्या पूजन में चाकू, कैंची, सुई और धार वाली दूसरी चीजें देने से बचना चाहिए. ऐसी चीजों से छोटी बच्चियों को चोट लग सकती है. इसलिए उनके लिए सुरक्षित और काम आने वाले उपहार चुनना बेहतर है.
3. चमड़े से बनी चीजें न दें
कुछ धार्मिक परंपराओं में कन्या पूजन के दौरान चमड़े से बनी वस्तुएं देना उचित नहीं माना जाता है. इसलिए चमड़े के पर्स, बेल्ट और जूते देने से बच सकते हैं. इनकी जगह कपड़े से बनी चीजें या दूसरी उपयोगी वस्तुएं दी जा सकती हैं.
4. पुरानी और इस्तेमाल की हुई चीजें न दें
कन्याओं को उपहार देते समय साफ और नई चीजें चुनने की कोशिश करें. पहले से इस्तेमाल की हुई या टूटी-फूटी चीजें देने से बचें. उपहार छोटा हो, लेकिन उसे सम्मान और प्रेम के साथ देना जरूरी है.
5. प्लास्टिक की चीजें देने से बचें
कुछ मान्यताओं में कन्या पूजन के दौरान प्लास्टिक की वस्तुएं देना उचित नहीं माना जाता है. इसके बजाय कॉपी, पेंसिल, किताबें या कपड़े जैसी उपयोगी चीजें दी जा सकती हैं.
कन्या पूजन में कौनसे उपहार देना शुभ है?
कन्या पूजन में बच्चियों को नए कपड़े, लाल चुनरी, रुमाल, चूड़ियां, हेयर बैंड, कॉपी, पेंसिल, किताबें और खिलौने दिए जा सकते हैं. इसके अलावा फल, मिठाई और अपनी क्षमता के अनुसार दक्षिणा भी दे सकते हैं. उपहार चुनते समय ध्यान रखें कि वह बच्चियों की उम्र के हिसाब से सही और सुरक्षित हो.