Hanuman Jayanti 2026: 1 या 2 अप्रैल कब मनाई जाएगी हनुमान जयंती? जानें शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि

हनुमान जयंती हिंदू धर्म का एक प्रमुख और पावन पर्व है, जो भगवान हनुमान के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है. यह दिन न केवल उनके जन्म की खुशी का प्रतीक है, बल्कि उनकी भक्ति, शक्ति और साहस को भी स्मरण करने का अवसर है.

Hanuman Jayanti 2026
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 29 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 5:32 PM IST

Hanuman Jayanti 2026 Date: हनुमान जयंती हिंदू धर्म का एक प्रमुख और पावन पर्व है, जो भगवान हनुमान के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है. यह दिन न केवल उनके जन्म की खुशी का प्रतीक है, बल्कि उनकी भक्ति, शक्ति और साहस को भी स्मरण करने का अवसर है. साल 2026 में हनुमान जयंती की तिथि को लेकर लोगों में थोड़ी भ्रम की स्थिति है कि यह 1 अप्रैल को मनाई जाएगी या 2 अप्रैल को. आइए जानते हैं सही तिथि, शुभ मुहूर्त और इस दिन का धार्मिक महत्व.

हनुमान जयंती 2026: कब मनाई जाएगी?
पंचांग के अनुसार, इस वर्ष हनुमान जयंती 2 अप्रैल 2026 (गुरुवार) को मनाई जाएगी. चैत पूर्णिमा तिथि की शुरुआत 1 अप्रैल को सुबह 07:06 बजे से होगी और इसका समापन 2 अप्रैल को सुबह 07:41 बजे होगा. उदया तिथि के आधार पर 2 अप्रैल को ही हनुमान जयंती मनाना शुभ माना गया है.

शुभ मुहूर्त
हनुमान जयंती के दिन पूजा-पाठ और व्रत के लिए कुछ विशेष शुभ समय इस प्रकार हैं.
ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:38 बजे से 05:24 बजे तक
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:00 बजे से 12:50 बजे तक
अमृत काल: सुबह 11:18 बजे से 12:59 बजे तक

धार्मिक महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, माता अंजना ने भगवान शिव की कठोर तपस्या की थी, जिससे प्रसन्न होकर शिवजी ने उन्हें अपने अंश से पुत्र प्राप्ति का वरदान दिया. एक अन्य कथा के अनुसार, राजा दशरथ के यज्ञ का प्रसाद वायु देव के माध्यम से अंजना तक पहुंचा, जिससे भगवान हनुमान का जन्म हुआ. इसी कारण उन्हें ‘वायु पुत्र’ और ‘मारुति’ भी कहा जाता है. हनुमान जी को भगवान शिव का रुद्र अवतार माना जाता है और वे रामभक्ति के सर्वोच्च प्रतीक हैं.

पूजा विधि और परंपराएं
इस दिन भक्त सुबह जल्दी उठकर स्नान करते हैं और व्रत रखते हैं. मंदिरों में भगवान हनुमान का अभिषेक किया जाता है. श्रद्धालु पूरे दिन हनुमान चालीसा और सुंदरकांड का पाठ करते हैं. साथ ही मंदिरों में केसरिया ध्वज फहराए जाते हैं, जो साहस और भक्ति का प्रतीक होते हैं.

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