Haridwar Daksheshwar Mahadev Temple History बम-बम भोले, जय भोलेनाथ और जय शिवशंकर जैसे नारों से हरिद्वार का हर शिवालय गूंज रहा है. लेकिन भगवान शंकर की ससुराल कहे जाने वाले दक्षेश्वर महादेव मंदिर का नजारा इस समय खास है. शिवरात्रि पर देर रात से ही यहां भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा और लंबी-लंबी कतारें लग गईं. हर भक्त भोलेनाथ का जलाभिषेक कर उन्हें प्रसन्न करने और अपनी बारी का इंतजार करता नजर आया.
मनोकामना पूरी होने की है मान्यता
दक्षेश्वर महादेव मंदिर में बड़े-बुजुर्गों से लेकर महिलाएं और बच्चे तक भगवान शंकर की पूजा-अर्चना के लिए पहुंचे हैं. मान्यता है कि सावन के महीने में भगवान शिव अपनी ससुराल कनखल स्थित दक्ष प्रजापति में ही रहते हैं. इस दौरान जो भी यहां भोलेनाथ की पूजा-अर्चना करता है, उसकी सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं. हरिद्वार के दूसरे महादेव मंदिरों में भी शिवभक्तों की कतारें लगी हुई हैं. श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए पुलिस प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए हैं.
पंडित जी ने बताई मान्यता
पंडित मनोज त्रिपाठी के मुताबिक, श्रावण मास चातुर्मास का पहला माह है. भगवान शिव ने दक्ष के यज्ञ को भंग करने के बाद बाकी देवताओं की प्रसन्नता के लिए दक्ष को पुनः जीवनदान दिया था. इसके बाद दक्ष से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने वरदान दिया था कि पूरे श्रावण मास में वह कनखल हरिद्वार में दक्षेश्वर महादेव के रूप में निवास करेंगे. साथ ही, श्रावण मास में यहां जलाभिषेक करने वालों की मन की इच्छाएं और मनोकामनाएं पूर्ण करने का भी वरदान दिया था.
जल, दूध, घी और शहद से अभिषेक
पंडित जी ने ये भी बताया कि श्रावण मास में दक्षेश्वर महादेव पर जल चढ़ाने से भगवान शिव की निकटता और उनकी प्रसन्नता प्राप्त होती है. भगवान भोलेनाथ की पूजा में सबसे पहले जल, उसके बाद दूध, घी और आखिर में शहद से अभिषेक किया जाता है. सहस्रार्चन के दौरान बिल्व को माता पार्वती का स्वरूप माना गया है. बिल की पत्तियां भगवान शिव को अर्पित करने से 1008 नामों के साथ भगवान से मोक्ष की प्राप्ति होती है और मनोकामनाएं पूरी होती हैं.
सुबह से जलाभिषेक के लिए लगी लाइन
भोले के भक्तों में जलाभिषेक को लेकर इतनी ललक है कि वे सुबह से ही दक्षेश्वर महादेव पहुंच गए. श्रद्धालु लाइन में लगकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं. भक्तों का कहना है कि सावन में भगवान शंकर कनखल में अपनी ससुराल में विराजते हैं और शिवरात्रि पर उनका जलाभिषेक करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं.
सुरक्षा के लिए पुलिस और पैरामिलिट्री तैनात
सीओ सिटी शिशुपाल सिंह नेगी ने बताया कि महाशिवरात्रि पर सभी लोग महादेव का अभिषेक करना चाहते हैं. इसलिए पर्याप्त पुलिस फोर्स तैनात किया गया है. महिला पुलिसकर्मियों के साथ पैरामिलिट्री फोर्स भी ड्यूटी पर है. सुबह से लंबी कतारें लगी हैं और श्रद्धालु सकुशल जलाभिषेक कर अपने गंतव्य की ओर जा रहे हैं. सुरक्षा व्यवस्था के लिए इंस्पेक्टर, थाने के एसएसआई, कॉन्स्टेबल और महिला कॉन्स्टेबल भी तैनात किए गए हैं.
सावन की शिवरात्रि पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु दक्ष प्रजापति महादेव मंदिर पहुंचे हैं. मान्यता है कि सावन में भोलेनाथ अपनी ससुराल कनखल में रहते हैं और यहीं से सृष्टि का संचालन करते हैं. इसी विश्वास के साथ श्रद्धालु जलाभिषेक कर भगवान भोलेनाथ को प्रसन्न करने और अपनी मनोकामनाएं पूरी करने की प्रार्थना कर रहे हैं. सुबह से ही मंदिर में लंबी-लंबी कतारें लगी हुई हैं.
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