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विदेश से आई महिलाओं ने हिंदू रीति-रिवाजों से किया अपने पितरों का श्राद्ध, कहा मन से उतर गया बोझ

राजस्थान के जैसलमेर में बहुत से विदेशी लोग घूमने-फिरने आते हैं. इस बार फ्रांस से आई 13 महिला सैलानियों के एक दल ने यहां पहुंचकर कुछ ऐसा किया कि लोग हैरान रह गए.

Foreigners perform shradh
gnttv.com
  • जैसलमेर ,
  • 13 अक्टूबर 2023,
  • अपडेटेड 8:36 AM IST
  • हिंदू संस्कृति से प्रभावित हुईं महिला सैलानी 
  • पितरों का किया श्राद्ध

जैसलमेर आ रहे विदेशी सैलानियों में से बहुत से लोग भारतीय हिन्दु संस्कृति की विचारधारा व इसके क्रियाकलापों से काफी प्रभावित होकर इसमें रमने लगे है. इसी संदर्भ में फ्रांस से आई 17 महिला सैलानियों के दल ने जैसलमेर में संचालित हो रहे अष्टांग योग केन्द्र में योग का डंका बजाया. साथ ही, शहर की प्रसिद्व गड़ीसर झील पर इन दिनों चल रहे श्राद्व पक्ष में अपने दिवंगत परिजनों का शोक मनाते हुए उनकी आत्मा की शांति के लिये मंत्रोच्चार के साथ श्राद्व पक्ष में तर्पण किया व उनके मोक्ष की कामना की.
 
हिंदू संस्कृति से प्रभावित हुईं महिला सैलानी 
पिछले 7-8 दिनों से जैसलमेर में फ्रांस से आया करीब 15 महिला सैलानियों का दल जैसलमेर के विभिन्न पर्यटन स्थलों पर घूम जा रहा था. ग्रुप लीडर सनड्रन के नेतृत्व में आया यह महिलाओं का दल जैसलमेर में हिन्दु संस्कृति से इतना प्रभावित हुआ कि इस दल ने न केवल हिन्दु संस्कृति की गतिविधियों के बारे में जानकारी हासिल की वहीं इन दिनों श्राद्व पक्ष के बारे में जाना. ये महिलाएं योगासन और मेडिटेशन करती हैं.

जब इन्हें जैसलमेर के अष्टांग योग केन्द्र में प्रतिदिन चलने वाले योग केन्द्र के बारे में जानकारी मिली तो उन्होंने वहां जाने का फैसला किया. इन महिलाओं ने एक प्रशिक्षित योगिनी की तरह योग क्लास में लगभग सारी योगिक क्रियाएं करते हुए ध्यान भी लगाया. उन्होंने एक बातचीत में बताया कि वे पिछले तीन सालों से योग से काफी प्रभावित है. उनकी स्वस्थ जिन्दगी में योग बहुत महत्व रखता है.

पितरों का किया श्राद्ध
इन विदेशी महिलाओं को इन दिनों श्राद्व पक्ष के बारे में जानकारी मिली तो उन्होंने स्थानीय ऐजेन्ट के जरिये एक पंडित से बातचीत की. इन महिलाओं ने गड़ीसर झील पर जाकर सनातन रीति-रिवाज से पूजा-पाठ कर अपने पुरखों की आत्मा की शांति और मोक्ष की कामना की. श्राद्ध पक्ष का महत्व जानने के बाद गड़ीसर झील में तर्पण की क्रिया कर पुरखों की आत्मा की शांति की कामना की. महिलाओं के साथ आई उनकी ग्रुप लीडर सनड्रीन ने सभी सैलानियों को समझाया. गड़ीसर लेक में श्राद्ध की सभी रस्मों को पूरा कर सामग्री को पानी में बहाया. सनड्रीन ने बताया कि सभी महिलाएं श्राद्ध कर भावुक थी. उनके मन में जो बोझ था वह उतर गया. पितरों का तर्पण कर सभी का मन शांत हो गया. 

(विमल भाटिया की रिपोर्ट)

 

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