Janmashtami 56 Bhog Story: देशभर में 4 सितंबर 2026 को भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव यानी जन्माष्टमी धूमधाम के साथ मनाई जा रही है. जन्माष्टमी का पर्व भगवान विष्णु के आठवें अवतार श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है. हिंदू पौराणिक मान्यताओं के मुताबिक भगवान श्रीकृष्ण का जन्म भाद्रपद माह की कृष्ण पक्ष अष्टमी तिथि को रोहिणी नक्षत्र में हुआ था. ऐसे में हर साल इस तिथि और नक्षत्र में श्री कृष्ण जन्माष्टमी मनाई जाती है. इस दिन भक्त अपने घर में लड्डू गोपाल की प्रतिमा स्थापित कर पूजा-अर्चना करते हैं. कुछ भक्त व्रत भी रखते हैं. कान्हा का जन्म रात में हुआ था. ऐसे में शुक्रवार की रात 12 बजे लड्डू गोपाल के जन्म होगा. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार जन्माष्टमी के दिन भगवान कृष्ण को 56 तरह के पकवानों का भोग लगाया जाता है. हम आपको बता रहे हैं यदि आप कान्हा को 56 पकवान न अर्पित कर पाएं तो फिर किन-किन चीजों का भोग लगा सकते हैं?
कान्हा को क्यों लगाया जाता है 56 भोग
पौराणिक मान्यता के मुताबिक कान्हा बचपन में यशोदा मैया के घर दिन में 8 बार भोजन करते थे. भगवान कृष्ण ने जब इंद्र के प्रकोप से और बारिश से ब्रजवासियों की रक्षा के लिए गोवर्धन पर्वत को अपनी छोटी उंगली पर उठाया था, तब उन्होंने 7 दिनों तक बिना भोजन किए पर्वत को धारण किया. 7 दिन बाद जब वर्षा रुकी और भगवान कृष्ण ने पर्वत नीचे रखा, तब ब्रजवासियों और माता यशोदा ने भगवान कृष्ण के 7 दिनों के छूटे हुए भोजन की भरपाई के लिए 56 प्रकार के अलग-अलग व्यंजन अर्पित किए. तभी से 56 भोग लगाने की परंपरा शुरू हुई.
56 भोग में क्या-क्या होता है शामिल
56 भोग में मिठाइयां, फल, फूड, दूध से बनी चीजें, ड्रिंक्स, नमकीन आदि शामिल की जाती हैं. मिठाइयों में माखन-मिश्री, चावल के खीर, पेड़ा, मालपुआ, रबड़ी, रसगुल्ला, गुलाब जामुन, बूंदी लड्डू, बर्फी, धनिया पंजीरी, आटे की पंजीरी, हलवा, बेसन के लड्डू, मखाना खीर, समा के चावल के खीर और मूंगफली के लड्डू शामिल होते हैं. फल और ड्राई फ्रूट्स में केला, सेब, अंगूर, अनार, आम, अमरूद, बादाम, काजू, किशमिश, पिस्ता, खजूर, अखरोट, मूंगफली भगवान कृष्ण को अर्पित किया जाता है. दूध से बनी चीजों में दही, घी, मक्खन, मलाई, पनीर और पंचामृत अर्पित किया जाता है. ड्रिंक्स में ठंडाई, लस्सी, शिकंजी, गुलाब शरबत और नारियल पानी अर्पित किया जाता है. नमकीन और स्नैक्स में मठरी, कचौरी, पकौड़े, नमकपारे, भुजिया, आलू टिक्की, आलू चिप्स और दालमौठ शामिल होता है. मुख्य व्यंजन में पूड़ी, खिचड़ी, पुलाव, दाल, कढ़ी, सादा चावल, मीठे चावल और मिक्स वेज शामिल होता है.
56 भोग न हो तो इन चीजों को कर सकते हैं अर्पित
यदि आप श्री कृष्ण जन्माष्टमी पर 56 तरह के पकवान तैयार नहीं कर सकते तो आपको चिंता करने की जरूरत नहीं है. आप अपनी श्रद्धा और सामर्थ्य के मुताबिक कान्हा को कुछ प्रिय चीजों का भोग लगा सकते हैं. आपको मालूम हो कि भोग में पकवानों की संख्या से ज्यादा महत्व श्रद्धा का माना जाता है. हम आपको बता रहे हैं कि 56 पकवान न अर्पित कर पाएं तो फिर किन-किन चीजों का भोग लगा सकते हैं?
1. माखन-मिश्री: कान्हा को माखन और मिश्री अत्यंत प्रिय है. जन्माष्टमी के दिन आप भगवान कृष्ण को माखन-मिश्री का भोग लगा सकते हैं.
2. धनिया पंजीरी: आप जन्माष्टमी के दिन भगवान कृष्ण को पिसे हुए धनिये और मेवे से बनी पंजीरी को भोग के रूप में चढ़ा सकते हैं.
3. पंचामृत: आप जन्माष्टमी के दिन भगवान कृष्ण को दूध, दही, घी, शक्कर और शहद को मिलाकर पंचामृत तैयार कर भोग के रूप में अर्पित कर सकते हैं.
4. मेवे और फल: आप जन्माष्टमी के दिन भगवान कृष्ण को मखाना, बादाम, किशमिश और ताजे फल अर्पित कर सकते हैं.
5. खीरा: जन्माष्टमी के दिन बाल गोपाल के जन्म के समय खीरा रखना और जन्म के बाद उसे काटना शुभ माना जाता है.
6. तुलसी दल: भगवान कृष्ण को लगाए जाने वाले भोग में तुलसी दल यानी तुलसी का पत्ता जरूर शामिल करना चाहिए. इसके बिना भोग अधूरा माना जाता है.
श्रीकृष्ण को भोग लगाते समय इन मंत्रों का करें जाप
जन्माष्टमी पर भगवान श्रीकृष्ण को भोग अर्पित करते समय इस मंत्र का जाप करना चाहिए. त्वदीयं वस्तु गोविन्द तुभ्यमेव समर्पये, गृहाण सम्मुखो भूत्वा प्रसीद परमेश्वर. इसके अलावा आप भोग लगाते समय ॐ क्लीं कृष्णाय नमः या ॐ श्रीबालकृष्णाय नमः नैवेद्यं समर्पयामि मंत्रों का जाप भी कर सकते हैं.