Advertisement

42 साल की आस्था, ढोल-नगाड़ों की गूंज और माता रानी के जयकारे… झोकनबाग शहीद पार्क में हुआ मां दुर्गा की प्रतिमा से झांसी में भव्य प्रथम आगमन

समिति के सदस्यों के मुताबिक इस वर्ष मां दुर्गा की आकर्षक और भव्य प्रतिमा विशेष रूप से मध्यप्रदेश के सागर स्थित विश्वकर्मा आर्ट्स से तैयार कराकर झाँसी लाई गई है.

Jhansi Navratri
अजय झा
  • झांसी,
  • 08 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 10:09 AM IST

शारदीय नवरात्रि के पावन पर्व की दस्तक के साथ ही झांसी नगरी पूरी तरह भक्ति और आस्था के रंग में रंगने लगी है. शहर में जगह-जगह दुर्गा पंडालों की तैयारियां जोर पकड़ रही हैं और इसी बीच झोकनबाग स्थित शहीद पार्क में माँ दुर्गा की प्रतिमा के प्रथम आगमन ने नवरात्रि के उत्साह को और बढ़ा दिया. नवदुर्गा उत्सव समिति झोकनबाग शहीद पार्क की ओर से माँ दुर्गा की भव्य प्रतिमा का ढोल-नगाड़ों, आतिशबाजी और जयकारों के बीच जोरदार स्वागत किया गया.

झोकनबाग शहीद पार्क में मां दुर्गा की स्थापना की यह परंपरा आज की नहीं, बल्कि लगातार 42 वर्षों से चली आ रही है. चार दशक से भी अधिक समय से समिति के सदस्य और क्षेत्र के श्रद्धालु पूरी श्रद्धा और उत्साह के साथ माता रानी की आराधना करते आ रहे हैं. इस वर्ष भी नवरात्रि से पहले ही माँ दुर्गा की प्रतिमा के आगमन के साथ पूरे क्षेत्र में भक्ति का माहौल दिखाई दिया.

सागर से विशेष रूप से लाई गई मां दुर्गा की भव्य प्रतिमा
समिति के सदस्यों के मुताबिक इस वर्ष मां दुर्गा की आकर्षक और भव्य प्रतिमा विशेष रूप से मध्यप्रदेश के सागर स्थित विश्वकर्मा आर्ट्स से तैयार कराकर झाँसी लाई गई है. 7 अक्टूबर को प्रतिमा के झाँसी पहुंचते ही श्रद्धालुओं में उत्साह की लहर दौड़ गई. प्रतिमा के स्वागत के लिए समिति के पदाधिकारी, कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में भक्त एकत्र हुए.

माँ की प्रतिमा के नगर में पहुंचते ही ढोल-नगाड़ों की थाप गूंज उठी. भक्तों ने माता रानी के जयकारे लगाए और नाचते-गाते हुए उनका स्वागत किया. इस दौरान आतिशबाजी और भव्य झांकी ने माहौल को और भक्तिमय बना दिया. सड़क से गुजरने वाले लोग भी मां दुर्गा की प्रतिमा के दर्शन करने के लिए रुकते नजर आए.

चार दशक से कायम है आस्था का सिलसिला
नवदुर्गा उत्सव समिति झोकनबाग शहीद पार्क के प्रमुख पदाधिकारियों आशीष अग्रवाल और राहुल बिंदल ने बताया कि समिति पिछले 42 वर्षों से लगातार मां दुर्गा की स्थापना और नवरात्रि उत्सव का आयोजन करती आ रही है. उनके मुताबिक यह आयोजन केवल एक धार्मिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि क्षेत्र के लोगों की आस्था और भावनाओं से जुड़ी हुई परंपरा बन चुका है.

समिति से जुड़े लोगों का कहना है कि जिन लोगों ने बचपन में इस आयोजन को देखा और इसमें हिस्सा लिया था, वही परंपरा आज भी नई पीढ़ी के साथ आगे बढ़ रही है. समय बदला, पीढ़ियां बदलीं, लेकिन मां दुर्गा की आराधना और झोकनबाग शहीद पार्क की यह परंपरा आज भी उसी उत्साह के साथ जारी है.

तैयारियों में जुटे समिति के कार्यकर्ता
नवरात्रि शुरू होने में कुछ ही समय शेष है और ऐसे में समिति के कार्यकर्ता पंडाल की सजावट और अन्य व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने में जुटे हुए हैं. मां दुर्गा की प्रतिमा के प्रथम आगमन के साथ ही आयोजन स्थल पर श्रद्धालुओं की आवाजाही भी बढ़ने लगी है.

मां दुर्गा के आगमन के दौरान जिस तरह बड़ी संख्या में भक्तों ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया, उससे साफ दिखाई दिया कि नवरात्रि को लेकर झांसीवासियों में खासा उत्साह है. ढोल-नगाड़ों की थाप, माता रानी के जयकारे और भक्तों की उमंग ने पूरे झोकनबाग क्षेत्र को भक्ति के रंग में रंग दिया.

झोकनबाग की पहचान बन चुका है नवरात्रि आयोजन
42 वर्षों से लगातार आयोजित हो रहा यह दुर्गा उत्सव अब झोकनबाग की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान का हिस्सा बन चुका है. हर वर्ष नवरात्रि के दौरान शहीद पार्क में बड़ी संख्या में श्रद्धालु मां दुर्गा के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं.

इस बार भी मां दुर्गा की प्रतिमा के भव्य प्रथम आगमन के साथ ही समिति ने नवरात्रि उत्सव का शुभारंभ कर दिया है. नगर के पंडाल में शारदीय नवरात्रि प्रतिमा पहुंची है, जिसके कारण श्रद्धालुओं के उत्साह और समिति की तैयारियों को देखते हुए आने वाले दिनों में झोकनबाग शहीद पार्क में नवरात्रि के दौरान भक्ति और उत्सव का माहौल और भी भव्य होने की उम्मीद है.

ये भी पढ़ें

 

    Read more!
    Advertisement

    RECOMMENDED

    Advertisement
    Advertisement