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श्रद्धा की अनोखी मिसाल! 3 साल की बेटी के साथ 1100 किमी की पदयात्रा, जानें पीछे की वजह

मध्य प्रदेश के सिवनी का एक शख्स को 3 महीने के भीतर 2 बार स्ट्रोक आया. उस दौरान उसने बाबा खाटू श्याम से प्रार्थना की और संकल्प लिया कि स्वस्थ होने पर वो बाबा के दरबार तक पैदल जाएं. अब वो स्वस्थ हो गए हैं तो 1100 किमी की पदयात्रा पर निकले हैं.

Jhansi News
अजय झा
  • झांसी,
  • 06 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 6:38 PM IST

मध्य प्रदेश के सिवनी का एक शख्स मौत के मुंह से बचकर निकला तो 3 साल की बेटी के साथ खाटू श्याम की 1100 किलोमीटर की पदयात्रा पर निकल पड़ा. आस्था, विश्वास और संकल्प की मिसाल बनी ये पदयात्रा सोमवार को झांसी पहुंची, जहां शहरवासियों ने श्रद्धालु परिवार का भव्य स्वागत और अभिनंदन किया. अंतिया तालाब के पास बड़ी संख्या में मौजूद श्रद्धालुओं ने बाबा खाटू श्याम के जयकारों के बीच पदयात्रियों की आरती उतारी और उनकी आगे की यात्रा के लिए मंगलकामनाएं की.

फैमिली के साथ 1100 किमी की पदयात्रा-
सिवनी निवासी विक्की हरिन्दरवार, जिन्होंने करीब 10 महीने पहले गंभीर ब्रेन अटैक और पैरालिसिस जैसी गंभीर बीमारी से संघर्ष किया था, आज बाबा खाटू श्याम के प्रति अपनी आस्था और कृतज्ञता प्रकट करने के लिए लगभग 1100 किलोमीटर लंबी पदयात्रा पर निकले हुए हैं. इस यात्रा में उनकी पत्नी आशा हरिन्दरवार, तीन वर्षीय पुत्री काव्या और अन्य सहयोगी भी उनके साथ शामिल हैं.

3 महीने में 2 बार आया था स्ट्रोक-
विक्की हरिन्दरवार बताते हैं कि कुछ महीने पहले उनके जीवन में ऐसा कठिन दौर आया था, जब उन्हें तीन महीने के भीतर दो बार ब्रेन अटैक आया और शरीर का एक हिस्सा पैरालिसिस की चपेट में आ गया. उस दौरान परिवार ने डॉक्टरों के इलाज के साथ बाबा खाटू श्याम से प्रार्थना की और संकल्प लिया कि स्वस्थ होने पर वे बाबा के दरबार तक पैदल जाएंगे. आज स्वस्थ होने के बाद वे उसी संकल्प को पूरा करने के लिए परिवार सहित खाटू श्याम धाम की यात्रा कर रहे हैं.

झांसी पहुंची पदयात्रा-
सोमवार को जब यह पदयात्रा झांसी के अंतिया तालाब क्षेत्र में पहुंची तो स्थानीय श्रद्धालुओं और सामाजिक संगठनों ने उनका स्वागत किया. बाबा खाटू श्याम के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा. श्रद्धालुओं ने पदयात्रियों की आरती उतारकर उनका सम्मान किया और बाबा से उनकी यात्रा की सफलता एवं परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की.

स्पेशल तौर पर सजाई गई गाड़ी भी साथ-
इस दौरान पदयात्रा के साथ चल रही विशेष रूप से सजाई गई गाड़ी भी लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी रही. गाड़ी को बाबा खाटू श्याम के दरबार की तरह सजाया गया है, जिसके साथ श्रद्धालु भजन-कीर्तन करते हुए आगे बढ़ रहे हैं. यात्रा में शामिल तीन साल की मासूम काव्या भी सभी के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है, जो अपने माता-पिता के साथ श्रद्धा और उत्साह के साथ इस कठिन यात्रा का हिस्सा बनी हुई है.

18 जून से शुरू है पदयात्रा-
18 जून से शुरू हुई यह पदयात्रा जुलाई के अंतिम सप्ताह तक राजस्थान स्थित खाटू श्याम धाम पहुंचने की संभावना है. श्रद्धालुओं का कहना है कि उनकी यह यात्रा केवल व्यक्तिगत आस्था का प्रतीक नहीं है, बल्कि देश की सुख-समृद्धि, शांति और सभी लोगों के मंगल की कामना के लिए भी समर्पित है. आस्था, संघर्ष और संकल्प की यह अनोखी यात्रा जहां लोगों को भावुक कर रही है, वहीं यह संदेश भी दे रही है कि सच्ची श्रद्धा और मजबूत इच्छाशक्ति के बल पर जीवन की सबसे बड़ी चुनौतियों को भी पार किया जा सकता है.

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