गुजरात के जूनागढ़ में गिरनार की प्रसिद्ध लीली परिक्रमा को लेकर प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं. हर साल इस धार्मिक यात्रा में लाखों श्रद्धालु शामिल होते हैं. ऐसे में श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए पेयजल, सुरक्षा, साफ-सफाई और स्वास्थ्य सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है. कलेक्टर योगेश चौधरी ने अधिकारियों की टीम के साथ जंगल के 35 किलोमीटर लंबे परिक्रमा मार्ग का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया.
लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद
गिरनार वन्यजीव अभयारण्य में आयोजित होने वाली लीली परिक्रमा कार्तिकी एकादशी यानी देव दिवाली से शुरू होती है. इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु गिरनार की परिक्रमा करने पहुंचते हैं. श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए कलेक्टर के साथ जिला पुलिस प्रमुख, म्युनिसिपल कमिश्नर, वन विभाग और अन्य सरकारी विभागों के अधिकारियों ने तैयारियों की समीक्षा की. निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने सभी विभागों से व्यवस्थाओं की जानकारी ली और जरूरी निर्देश दिए. प्रशासन का लक्ष्य है कि परिक्रमा के दौरान श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुविधाजनक माहौल मिले.
पानी की व्यवस्था पर विशेष ध्यान
इस साल गिरनार क्षेत्र में कम बारिश होने के कारण पेयजल की व्यवस्था प्रशासन के लिए अहम है. इसे देखते हुए पुराने बोर को दोबारा रिचार्ज करने और नए बोर तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि परिक्रमा के दौरान श्रद्धालुओं को पानी की कमी का सामना न करना पड़े.
वन्यजीवों से सुरक्षा के लिए टीमें तैनात
जंगल के रास्ते में श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए वन विभाग की ट्रैकर और रेस्क्यू टीमें तैनात रहेंगी. इसके अलावा पुलिस सुरक्षा, पार्किंग, साफ-सफाई, लाइटिंग, स्वास्थ्य सुविधाओं और आपातकालीन सेवाओं को भी प्राथमिकता दी जा रही है.
प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे यात्रा के दौरान अधिकारियों के निर्देशों का पालन करें और व्यवस्थाओं को सुचारू बनाए रखने में सहयोग करें.
रिपोर्टर: भार्गवी के जोशी
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