Kanwar Yatra 2026: 30 जुलाई से शुरू हो रही कांवड़ यात्रा, पहली बार लेने जा रहे कांवड़ तो जान लें ये जरूरी नियम, महादेव बरसाएंगे कृपा

Kanwar Yatra Rules: महादेव का सबसे प्रिय माह सावन 30 जुलाई से शुरू हो रहा है. इसी दिन से कांवड़ यात्रा भी शुरू हो जाएगी. भोलेनाथ के भक्त गंगा सहित पवित्र नदियों से जल कांवड़ में लेकर शिवलिंग पर चढ़ाएंगे. यदि आप पहली बार कांवड़ यात्रा पर जा रहे हैं तो आपको इस यात्रा से जुड़े नियमों को बारे में जरूर मालूम होना चाहिए. यहां आप जान सकते हैं कांवड़ यात्रा से जुड़े जरूरी नियम.

Kanwar Yatra (Representational Image)
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 22 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 10:59 AM IST

Kanwar Yatra ke Niyam: इस साल सावन का महीना 30 जुलाई 2026 से शुरू हो रहा है. महादेव के भक्त इस माह को शुरू होने का हर साल बेसब्री से इंतजार करते हैं. जी हां, सावन माह में ही कांवड़ यात्रा शुरू होती है. भगवान शिव के भक्त कांवड़ यात्रा के दौरान गंगा सहित पवित्र नदियों से जल कांवड़ में लेकर शिवलिंग का जलाभिषेक करते हैं.

ऐसी धार्मिक मान्यता है कि सावन माह में शिवलिंग पर जल चढ़ाने से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं. इस साल कांवड़ यात्रा 30 जुलाई से शुरू होकर 11 अगस्त 2026 तक चलेगी. 11 अगस्त 2026 को सावन शिवरात्रि के दिन महादेव के भक्त शिवलिंग पर जलाभिषेक कर अपनी यात्रा पूर्ण करते हैं. धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक जो श्रद्धालु लंबी दूरी से यात्रा करते हैं, वे पूरे सावन माह के दौरान अलग-अलग तिथियों पर भी जलाभिषेक कर सकते हैं. शिवभक्त हरिद्वार, सुल्तानपुर, गंगोत्री, गौमुख, ऋषिकेश और अन्य पवित्र तीर्थों से गंगाजल लेकर शिवालयों में भगवान शिव का जलाभिषेक करते हैं. सावन में पड़ने वाले सोमवार को शिवलिंग पर जल चढ़ाने विशेष शुभ माना जाता है.

कांवड़ यात्रा के दौरान इन नियमों का जरूर करें पालन 
1. सीधे जमीन पर न रखें कांवड़:
धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक गंगाजल से भरी कांवड़ उठा लेने के बाद उसे भूलकर पर भी सीधे जमीन पर नहीं रखना चाहिए. यदि विश्राम करना हो या शौचालय के लिए जाना हो तो कांवड़ को जमीन पर रखने की जगह किसी स्टैंड, ऊंचे व स्वच्छ स्थान या पेड़ पर टिका दें. जमीन पर स्पर्श होते ही कांवड़ खंडित मानी जाती है.

2. सात्विक भोजन: कांवड़ यात्रा के दौरान सात्विक भोजन करना चाहिए. प्याज, लहसुन, मांसाहार और तामसिक भोजन कभी नहीं खाना चाहिए. यात्रा के दौरान तंबाकू, सिगरेट, शराब या किसी भी प्रकार के नशे से दूर रहना चाहिए. 

3. ब्रह्मचर्य का करें पालन: कांवड़ यात्रा के दौरान पूर्ण ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए. कांवड़ यात्रा में शारीरिक के साथ मानसिक पवित्रता का विशेष महत्व माना जाता है.

4. कैसा होना चाहिए पहनावा: कांवड़ यात्रा के दौरान साफ-सुथरे कपड़े पहनने चाहिए. यथासंभव भगवा वस्त्र धारण करना चाहिए. यदि रास्ते में शौच जाना पड़े तो उसके बाद गंगाजल से स्नान या आचमन करके खुद को पवित्र करना जरूरी है. इसके बाद स्वच्छ वस्त्र धारण करना चाहिए. कांवड़ यात्रा के दौरान भूलकर भी बाल और नाखून नहीं कटवाने चाहिए. 

5. बम-बम भोले या हर-हर महादेव का जाप करते रहें: कांवड़ यात्रा के दौरान बम-बम भोले या हर-हर महादेव का जाप करते रहना चाहिए. महादेव के जयघोष के साथ आगे बढ़ना शुभ माना जाता है. कांवड़ यात्रा के दौरान किसी भी जीव को कष्ट नहीं देना चाहिए. कांवड़ यात्रा के दौरान क्रोध, विवाद, अपशब्द और अनुचित व्यवहार से बचना चाहिए. आपको मालूम हो कि कांवड़ यात्रा सिर्फ एक धार्मिक यात्रा ही नहीं, बल्कि यह यात्रा संयम, सेवा और श्रद्धा का प्रतीक भी मानी जाती है. 

सावन 2026 में पड़ रहे 4 सोमवार 
1. 3 अगस्त: पहला सावन सोमवार  
2. 10 अगस्त: दूसरा सावन सोमवार 
3. 17 अगस्त: तीसरा सावन सोमवार
4. 24 अगस्त: चौथा और अंतिम सावन सोमवार 

 

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