Advertisement

Kashi Vishwanath Temple: गर्मी से निपटने के लिए काशी विश्वनाथ मंदिर ने बनाया प्लान, जर्मन हैंगर तकनीक से श्रद्धालुओं को देंगे छांव

विश्वनाथ मंदिर प्रशासन ने गर्मी से निपटने के लिए नया प्लान बनाया है. बता दें कि श्रद्धालुओं के लिए जमीन पर गीली जूट की मैट, वाटर कूलर, छांव के लिए जर्मन हैंगर की व्यवस्था की जाएगी. वहीं धाम में स्थित अस्पताल की सुविधाओं को भी बढ़ाने पर विचार किया जा रहा है.

Kashi Vishwanath Temple (Photo- PTI)
रोशन जायसवाल
  • वाराणसी,
  • 30 मार्च 2024,
  • अपडेटेड 7:00 PM IST

मार्च महीने के अंतिम सप्ताह में ही वाराणसी में पारा 38 डिग्री तक जा पहुंचा है. जिसको देखते हुए अब भीड़भाड़ वाले स्थान पर गर्मी से निपटने के इंतजाम भी शुरू हो चुके हैं. काशी विश्वनाथ मंदिर ने भी गर्मी से निपटने के लिए प्लान बनाया है. विश्वनाथ धाम में दर्शन के लिए देश और दुनिया भर से रिकॉर्डतोड़ श्रद्धालु आते हैं. 

उन श्रद्धालुओं को किसी तरह की दिक्कत का सामना न करना पड़े इसके लिए विश्वनाथ मंदिर प्रशासन ने लू, धूप और गर्मी से बचाव के लिए प्लान बना लिया है और अब जल्द ही इसे लागू भी कर दिया जाएगा.

वाटर कूलर, गीली जूट की मैट, जर्मन हैंगर की रहेगी व्यवस्था

काशी विश्वनाथ धाम यानी विश्वनाथ कॉरिडोर में धूप, गर्मी, लू और तपिश से बचाव के बारे में जानकारी देते हुए मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विश्व भूषण मिश्रा ने बताया कि काशी विश्वनाथ धाम में आए हुए श्रद्धालुओं के लिए वाटर कूलर, जमीन पर गीली जूट की मैट, छांव के लिए जर्मन हैंगर की भी व्यवस्था रहेगी. उन्होंने बताया कि नई आधुनिक तकनीक के जरिए भी श्रद्धालुओं को गर्मी से बचाव के लिए बेहतर सुविधा देने की भी कोशिश की जा रही है.

अस्पताल में सुविधा बढ़ाने पर विचार

विश्व भूषण मिश्रा के अनुसार सभी अस्थाई समाधान के अलावा स्थाई रूप से भी बेहतर विकल्प निकालकर लागू कराया जाएगा. धाम में एक अस्थाई अस्पताल स्थापित है जिसमें चिकित्सकीय सेवाएं मिलती हैं. गर्मी में लू की वजह से भी लोगों को काफी दिक्कत का सामना करना पड़ता है इसलिए अस्पताल की सुविधाओं को भी बढ़ाने पर विचार हो रहा है.

 

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Advertisement