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Belur Math: बेलूर मठ के अध्यक्ष Swami Smaranananda Maharaj को देखने अस्पताल गए थे PM Modi, 137 से पहले हुई थी Swami Vivekananda ने की थी मठ की स्थापना, जानें पूरा इतिहास

रामकृष्ण मठ और रामकृष्ण मिशन के अध्यक्ष स्वामी स्मरणानंद महाराज का इलाज चल रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रामकृष्ण मिशन सेवा संस्थान अस्पताल पहुंचे और उनका हालचाल जाना. रामकृष्ण मठ और रामकृष्ण मिशन का हेडक्वार्टर बेलूर मठ है. ये मठ 40 एकड़ में फैला है.

Belur Math (Belurmath.org)
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 06 मार्च 2024,
  • अपडेटेड 2:55 PM IST

पश्चिम बंगाल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रामकृष्ण मिशन सेवा संस्थान अस्पताल पहुंचे और रामकृष्ण मिशन के अध्यक्ष स्वामी स्मरणानंद महाराज का हालचाल जाना. पीएम मोदी 15 मिनट तक अस्पताल में रहे. स्वामी महाराज तबीयत खराब होने के चलते पिछले एक महीने से अस्पताल में भर्ती हैं. फिलहाल बेलूरमठ के अध्यक्ष की हालत स्थिर है. इस मठ की स्थापना स्वामी विवेकानंद ने साल 1887 में किया था. चलिए आपको 137 साल पुराने इस मठ के बारे में बताते हैं.

क्या है बेलूर मठ-
रामकृष्ण मठ और रामकृष्ण मिशन का हेडक्वार्टर बेलूर मठ है. यह पश्चिम बंगाल के हावड़ा के बेलूर जगह पर है. यह हुगली नदी के पश्चिमी तट पर 40 एकड़ जमीन पर फैला हुआ है. इस मठ के डिजाइन की परिकल्पना स्वामी विवेकानंद ने की थी. मंदिर की वास्तुकला और डिजाइन में हिंदू, ईसाई और इस्लाम धर्म का मिश्रण दिखता है. स्वामी विवेकानंद ने अपने जीवन के आखिरी कुछ साल इस मठ में बिताए थे. 

रामकृष्ण मठ और रामकृष्ण मिशन कानूनी और आर्थिक तौर पर अलग-अलग हैं. लेकिन कई मायनों में ये आपस में जुड़े हुए हैं. ये संगठन करीब एक सदी से मानवीय और सामाजिक कामों में लगा हुआ है. इन संगठनों की शुरुआत महान संत रामकृष्ण परमहंस ने 19वीं सदी में की थी. स्वामी रामकृष्ण परमहंस के प्रमुख शिष्य स्वामी विवेकानंद थे.

बेलूर मठ में क्या-क्या है?
बेलूर मठ की स्थापना साल 1887 में फेमस योगी स्वामी विवेकानंद ने की थी. बेलूर मठ कैंपस में 8 मंदिर हैं. इस कैंपस में स्वामी रामकृष्ण परमहंस का मंदिर है, जिसे साल 1938 को बनवाया गया था. इस मंदिर में रामकृष्ण का पवित्र अवशेष रखे गए हैं. इसके अलावा एक पुराना मंदिर है, इसमें जनवरी 1981 तक रोजाना रामकृष्ण देव पूजा होती थी. लेकिन जब नया मंदिर बन गया तो उसमें पूजा होने लगी. इस कैंपस में स्वामी विवेकानंद का एक कमरा है, जिसमें विवेकानंद महासमाधि लेने तक रहते थे. कैंपस में ब्रह्मानंद मंदिर भी है, वो मठ और मिशन के पहले अध्यक्ष थे. ये मंदिर साल 1924 में बना था. इस कैंपस में मां सारदा मंदिर भी है. इसका निर्माण साल 1921 में हुआ था. बेलूर मठ में स्वामी विवेकानंद मंदिर है. इसका निर्माण साल 1924 में पूरा हुआ था. इसके अलावा समाधी पीठ भी है. बेलूर मठ के दक्षिण में हुगली नदी के किनारे पुराना मठ है. बेलूर मठ बनने से पहले मां सारदा देवी यहां कई बार ठहरी थीं.

अस्पताल और स्कूल भी चलाते हैं ये संगठन-
दुनियाभर में रामकृष्ण मठ और रामकृष्ण मिशन की 194 शाखाएं हैं. ये संगठन 14 अस्पताल, 116 क्लीनिक और 57 मोबाइल क्लीनिक चलाते हैं. बेलूर मठ के पास बने कैंपस में एक विश्वविद्यालय, एक डिग्री कॉलेज, एक पॉलिटेक्निक के साथ कई और एजुकेशनल इस्टीट्यूट चलते हैं.

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