Mahamrityunjay Temple: 1001 छिद्रों वाले शिवलिंग और रंग बदलती शिव प्रतिमा, जानें रीवा और मंडी के महामृत्युंजय मंदिरों की महिमा 

Mahamrityunjay Dham: मध्य प्रदेश के रीवा और हिमाचल प्रदेश के मंडी में अद्भुत महामृत्युंजय मंदिर हैं. रीवा के मंदिर में 1001 छिद्रों वाला एक अनोखा सफेद स्वयंभू शिवलिंग है, जिसे भगवान के सहस्त्र नेत्र माना जाता है. ऐसी मान्यता है कि यहां दर्शन मात्र से असाध्य रोगों और अकाल मृत्यु से मुक्ति मिलती है. मंडी के छोटी काशी में स्थित महामृत्युंजय मंदिर में महादेव की काले पत्थर की चतुर्भुज प्रतिमा है, जिसके बारे में कहा जाता है कि यह दिन में पांच बार अपना स्वरूप बदलती है. 

Mahamrityunjay Dham
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 09 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 4:51 PM IST

Mahamrityunjay Dham: मध्य प्रदेश के रीवा और हिमाचल प्रदेश के मंडी स्थित महामृत्युंजय मंदिरों की महिमा भारतीय संस्कृति और आस्था का अद्भुत उदाहरण है. रीवा जिले में स्थित महामृत्युंजय मंदिर में 1001 छिद्रों वाला शिवलिंग है, जिसे अकाल मृत्यु से मुक्ति का दिव्य द्वार माना जाता है. इस मंदिर की स्थापना बघेल राजवंश के महाराजा द्वारा की गई थी. मान्यता है कि इस शिवलिंग की संरचना और उसमें समाई ऊर्जा भक्तों को अकाल मृत्यु और असाध्य रोगों से बचाती है. मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना और जलाभिषेक के साथ महामृत्युंजय मंत्र का जाप किया जाता है, जिससे भक्तों की हर मनोकामना पूर्ण होती है.

रीवा के शिवलिंग की अद्भुत कथा
रीवा के इस मंदिर की स्थापना की कथा भी बेहद रोचक है. कहा जाता है कि बघेल राजवंश के महाराजा ने जंगल में शिकार के दौरान एक स्थान पर अद्भुत ऊर्जा का अनुभव किया. जब उन्होंने उस स्थान की खुदाई करवाई तो वहां से 1001 छिद्रों वाला सफेद शिवलिंग प्राप्त हुआ. इसके बाद महाराजा ने वहां भव्य मंदिर का निर्माण करवाया. यह शिवलिंग अकाल मृत्यु से मुक्ति का प्रतीक बन गया.

मंडी के महामृत्युंजय मंदिर की विशेषता
हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में स्थित महामृत्युंजय मंदिर भी अपनी अनोखी विशेषताओं के लिए प्रसिद्ध है. यहां भगवान शिव की चतुर्भुज प्रतिमा दिन में पांच बार अपना स्वरूप बदलती है. यह प्रतिमा काले पत्थर की बनी है और चांदी के कमल पर विराजमान है. मंदिर के पुजारी दावा करते हैं कि शिव प्रतिमा के भाव प्रसन्न, गंभीर, क्रोधित, तीव्र और मायावी होते हैं. यह मंदिर मंडी के शासकों द्वारा 17वीं शताब्दी में बनवाया गया था.

महामृत्युंजय मंत्र की शक्ति
महामृत्युंजय मंत्र को मृत्यु पर विजय दिलाने वाला मंत्र माना जाता है. इस मंत्र का जाप रुद्राभिषेक और विशेष पूजा के साथ किया जाता है. शास्त्रों के अनुसार, इस मंत्र के जाप से भक्तों की आयु दीर्घ होती है और असाध्य रोगों से मुक्ति मिलती है. ज्योतिषियों का मानना है कि यह मंत्र कुंडली के दोषों को दूर करने में भी प्रभावशाली है.

आस्था और चमत्कार
रीवा और मंडी के महामृत्युंजय मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है. यहां आने वाले श्रद्धालु अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए भगवान शिव की पूजा करते हैं. रीवा में नारियल बांधने की परंपरा और मंडी में शिव प्रतिमा के स्वरूप परिवर्तन भक्तों को अलौकिक अनुभव प्रदान करते हैं. इन मंदिरों की महिमा और चमत्कार भारतीय संस्कृति और आस्था का प्रतीक हैं.


 

Read more!

RECOMMENDED