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Mansa Devi Temple Haridwar: क्या है हरिद्वार के मनसा देवी मंदिर की ख़ासियत, जहां भगदड़ मचने से कई लोगों ने गंवाई जान, जानिए इस तीर्थ स्थल का महत्व

मनसा देवी मंदिर हरिद्वार के सबसे बड़े तीर्थ स्थलों में से एक है. इस तीर्थ स्थल में बड़ी संख्या में लोग दर्शन के लिए आते हैं. मनसा देवी मंदिर हरिद्वार के तीन सबसे प्रमुख मंदिर मनसा देवी मंदिर, चंडी देवी मंदिर और माया देवी मंदिर में से एक है. इस मंदिर की हिन्दू धर्म में खास मान्यता है.

Mansa Devi Temple Haridwar
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 27 जुलाई 2025,
  • अपडेटेड 6:41 PM IST
  • हरिद्वार की तीर्थ स्थल है मनसा देवी मंदिर
  • मनसा देवी मंदिर में हुआ बड़ा हादसा

हरिद्वार के मनसा देवी मंदिर में रविवार सुबह बड़ा हादसा हो गया. मनसा देवी मंदिर में भगदड़ मचने से 6 लोगों की मौत हो गई. इस हादसे में कई लोगों के हताहत होने की आशंका है. जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक टीमें मौके के लिए रवाना हो गई. हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल है. इस हादसे के बाद मनसा देवी मंदिर को श्रद्धालुओं के लिए बंद कर दिया गया था. रविवार शाम को मनसा देवी मंदिर को दर्शन के लिए दोबारा खोल दिया गया.

कैसे हुई भगदड़?

एसपी प्रमेंद्र सिंह डोबाल ने इस बारे में कहा, सूचना मिली थी कि करीब नौ बजे के आस पास मनसा देवी मुख्य मार्ग पर भगदड़ होने से कुछ लोग घायल हुए हैं. पुलिस बल द्वारा मौके पर पहुंच कर वहां से घायलों को तत्काल हॉस्पिटल लाया गया. 35 लोगों को यहां पर हॉस्पिटल लाया गया जिसमें 6 लोगों की मौत की अभी तक पुष्टि हुई है. बाकी लोगों को हायर सेंटर भेजा जा रहा है या फिर उनका इलाज कराया जा रहा है.

प्रमोद सिंह डोबाल ने कहा कि इसके पीछे प्रथम कारण दृष्टया हमारे संज्ञान में आया है. मनसा देवी मुख्य मार्ग में मंदिर से करीब 100 मीटर नीचे हुई है जिसमें तार में बिजली का करंट आने की अफवाह को लेकर ये हुई थी. अभी तक यही बात हमारे संज्ञान में आई है. ये घटना मंदिर के बाहर हुई है. घायलों को अस्पताल लाया गया है. हरिद्वार के मनसा देवी मंदिर की क्या मान्यता है? आइए इस बारे में जानते हैं.

मनसा देवी मंदिर हरिद्वार के तीन प्रमुख शक्ति मंदिरों में से एक है:

  • मनसा देवी मंदिर
  • चंडी देवी मंदिर
  • माया देवी मंदिर

इन तीनों को मिलाकर हरिद्वार की त्रिशक्ति या शक्ति त्रिकोण कहा जाता है. देवी मनसा की स्थापना का मकसद भक्तों की मनोकामना पूरी करना और भय, विशेषकर सांप के डर से रक्षा करना है. श्रद्धालु यहां आकर अपने मन की बात देवी से कहते हैं. जब उनकी इच्छा पूरी होती है तो वे विशेष भोग व पूजा अर्पित करते हैं.

कहां है मनसा देवी मंदिर?

  • मनसा देवी मंदिर उत्तराखंड के हरिद्वार शहर में स्थित एक प्रसिद्ध हिन्दू मंदिर है. इसे शक्तिपीठ के रूप में जाना जाता है. 
  • मनसा देवी मंदिर बिल्व पर्वत की चोटी पर है. यह मंदिर देवी मनसा को समर्पित है जिन्हें मनोकामना पूरी करने वाली देवी माना जाता है.
  • हरिद्वार का मनसा देवी मंदिर सुबह 5 बजे से रात 9 बजे तक खुला रहता है. बड़ी संख्या में लोग यहां दर्शन करने आते हैं. 
  • हरि की पौड़ी और हरिद्वार रेलवे स्टेशन से मनसा देवी मंदिर सिर्फ 2-3 किलोमीटर दूर है. इस मंदिर तक पैदल और रोपवे से पहुंचा जा सकता है.
  • पैदल मार्ग से मनसा देवी पहुंचने में 35-40 मिनट लगते हैं. वहीं उड़न खटोला से सिर्फ 2-3 मिनट में मंदिर तक पहुंच सकते हैं.

क्या है मनसा देवी मंदिर की मान्यता?

हरिद्वार में स्थित मनसा देवी मंदिर उत्तराखंड के सबसे प्रसिद्ध और पवित्र तीर्थ स्थलों में से एक है. हिन्दू धर्म में इसकी खास मान्यता है. मनसा देवी में हर भक्त की मनोकामना पूरी होती है. यही वजह है कि इस मंदिर का नाम "मनसा" देवी पड़ा, जिसका अर्थ है मन की इच्छा. भक्त मंदिर परिसर में एक पवित्र पेड़ पर धागा बांधते हैं और मन्नत मांगते हैं. जब मन्नत पूरी हो जाती है, तो वे दोबारा आकर वह धागा खोलते हैं.

  • कई लोग मानते हैं कि यह जगह 51 शक्ति पीठों में से एक है. हालांकि, यह परंपरागत सूची में नहीं आता लेकिन इसका महत्व शक्ति उपासकों के बीच बहुत गहरा है.
  • नवरात्रि, श्रावण मास और अन्य पर्वों के समय यहां लाखों की संख्या में श्रद्धालु दर्शन करने आते हैं. माना जाता है कि इन दिनों देवी की विशेष रूप से कृपा होती है.
  • पौराणिक मान्यता है कि मनसा देवी नागों की देवी है. सांप से जुड़े भय या कष्ट को दूर करती हैं. जिन लोगों को सर्प दोष या भय होता है, वे यहां विशेष पूजा करते हैं.

कैसे हुई मनसा देवी की स्थापना?

मनसा देवी माता को समर्पित यह मंदिर हरिद्वार की शिवालिक पहाड़ियों पर स्थित है. हिन्दू धर्म में इस मंदिर को पवित्र माना जाता है. इसकी स्थापना से जुड़ी पौराणिक और ऐतिहासिक मान्यताएं दोनों हैं.

  • देवी मनसा को भगवान शिव की मानस पुत्री माना जाता है. उन्हें नागों की देवी या सांपों की रक्षक भी कहा जाता है.
  • मनसा देवी की पूजा विशेष रूप से सर्प दोष निवारण, संतान प्राप्ति, और मनोकामना पूर्ति के लिए की जाती है.
  • ऐसी मान्यता है कि सप्तऋषियों ने हरिद्वार में देवी की तपस्या की थी और तभी यह शक्ति स्थल बना.
  • मनसा देवी मंदिर का निर्माण 18वीं से 19वीं शताब्दी के बीच किया गया था. इसे जम्मू और कश्मीर के महाराजा गुलाब सिंह के शासनकाल के दौरान इसे अच्छे से बनवाया गया.
  • बाद में उत्तराखंड सरकार ने रोपवे (उड़न खटोला) सेवा शुरू की गई जिससे श्रद्धालुओं को पर्वत पर स्थित मंदिर तक पहुंचने में आसानी हो सके.

मनसा देवी मंदिर न सिर्फ हरिद्वार का एक प्रमुख धार्मिक स्थल है बल्कि यह भक्तों की आस्था, विश्वास और मनोकामनाओं का केंद्र भी है. इस मंदिर की मान्यता है कि जो भी व्यक्ति सच्चे मन से प्रार्थना करता है, देवी उसकी इच्छाएं अवश्य पूरी करती हैं. यह जगह आध्यात्मिक शांति, भक्ति, और शक्ति उपासना का प्रतीक है. श्रद्धालु यहां न सिर्फ पूजा-अर्चना करते हैं बल्कि मनोकामना पूरी करने के लिए धागा बांधते हैं. मनोकामना पूरी होने पर भक्त वापस आते हैं और धागा खोलते हैं.

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