Mauni Amavasya 2026: क्या है मौनी अमावस्या का महत्व... क्यों इस दिन लोग गंगा सहित पवित्र नदियों में करते हैं स्नान और फिर देते हैं दान... यहां जानिए सबकुछ 

माघ मास की अमावस्या को मौनी अमावस्या कहा जाता है. इस दिन मौन रहकर स्नान और दान करने का महत्व है. आइए जानते हैं क्यों मौनी अमावस्या के दिन लोग गंगा सहित पवित्र नदियों में स्नान करते हैं और फिर दान देते हैं?

People gather to take a holy dip at the Sangam ahead of Mauni Amavasya during the ongoing Magh Mela festival in Prayagraj. (Photo:PTI)
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 17 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 11:13 PM IST

माघ मास की अमावस्या को मौनी अमावस्या कहा जाता है. इस दिन मौन रहकर स्नान और दान करने का महत्व है. इस दिन अगर सम्पूर्ण रूप से मौन रहा जाय तो अद्भुत स्वास्थ्य और ज्ञान की प्राप्ति होती है. जिनको भी मानसिक समस्या है अथवा भय और वहम की समस्या हो, उनके लिए मौनी अमावस्या का स्नान महत्वपूर्ण है. इस दिन की प्रक्रिया के पालन से ग्रहों की शांति और दोषों का निवारण दोनों हो सकता है. इस बार मौनी अमावस्या 18 जनवरी को है. 

क्या इस बार की मौनी अमावस्या है विशेष 
इस बार की मौनी अमावस्या पर ग्रहों का अद्भुत संयोग है. साथ ही इसी अमावस्या पर चन्द्रमा पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र में है. इस अमावस्या पर चन्द्र और गुरु का गजकेसरी योग बन रहा है. अमृत का कारक शुक्र सूर्य के साथ विद्यमान है. इस बार मौनी अमावस्या पर स्नान और दान का फल अचूक होगा. 

इस बार किस प्रकार स्नान और दान करें
यदि आप नदी में स्नान करने जा रहे हैं तो पहले घर से ही अच्छी तरह स्नान कर लें. फिर नदी में जाकर कम से कम तीन डुबकी लगाएं. नदी में शरीर मलना और साबुन का प्रयोग न करें. स्नान के बाद सूर्य देव को अर्घ्य दें और देवी देवताओं तथा पितरों का स्मरण करें. नदी से निकलकर वस्त्र धारण करें. अगर चाहें तो मन्त्र जप, ध्यान या स्तुति करें. इसके बाद अपने सामर्थ्य अनुसार दान करें. 

नदी या सरोवर पर न जा पाएं तो घर में किस प्रकार स्नान-दान करें
मौनी अमावस्या के दिन प्रातः और संध्याकाल, दोनों समय स्नान कर सकते हैं. पहले बाल्टी में थोड़ा गंगाजल डालें, फिर इसमें पानी डालें. इसके बाद जल को सर पर लगाकर प्रणाम करें. फिर स्नान करना आरम्भ करें. स्नान के बाद सूर्य देव को अर्घ्य दें. मन्त्र जप करें या प्रभु की स्तुति करें. इसके बाद निर्धनों को अन्न या वस्त्र का दान करें. 

मौनी अमावस्या पर कौन से दान करना होगा उत्तम 
मौनी अमावस्या पर अपनी सामर्थ्य के अनुसार दान अवश्य करना चाहिए. स्नान और पूजा के बाद निर्धनों को दान करना चाहिए. दान में अन्न, वस्त्र, काले तिल और गुड़ का दान करना उत्तम होगा. आप अन्य वस्तुएं भी श्रद्धानुसार दान कर सकते हैं. 

क्या मौनी अमावस्या को मौन रहना है आवश्यक 
मौन की स्थिति भी आध्यात्मिक जीवन में आवश्यक है, इसलिए अगर वर्ष में एक दिन भी मौन रहा जाए तो लाभ होता है. अगर मौनी अमावस्या को मौन रहकर, साधना की जाय तो जीवन में विशेष लाभ हो सकता है. 


 

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