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Pradosh Vrat 2026: 27 या 28 मई... किस दिन रखा जाएगा प्रदोष व्रत, जानें सही तिथि, पूजा विधि और शिवलिंग पर क्या चढ़ाना रहेगा शुभ?

May Pradosh Vrat 2026: हिंदू धर्म में प्रदोष व्रत का विशेष महत्व है. इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की आराधना की जाती है. हर महीने के कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि को प्रदोष व्रत रखा जाता है. आइए जानते हैं ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि का प्रदोष व्रत किस दिन रखा जाएगा. यहां आप पूजा विधि और शिवलिंग पर क्या चढ़ाना शुभ रहेगा यह भी जान सकते हैं. 

Pradosh Vrat 2026
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 21 मई 2026,
  • अपडेटेड 9:00 AM IST

हिंदू धर्म में प्रदोष व्रत का विशेष महत्व है. इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा-अर्चना की जाती है. हिंदू पंचांग के अनुसार हर महीने के कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि को प्रदोष व्रत रखा जाता है. आइए जानते हैं ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि का प्रदोष व्रत किस दिन रखा जाएगा. प्रदोष के दिन शिव परिवार की आराधना करने से विशेष पुण्य फल प्राप्त होता है. इस दिन शिवलिंग पर कुछ प्रिय चीजें चढ़ाने से महादेव शीघ्र प्रसन्न होते हैं और भक्तों की मनोकामनाएं पूरी करते हैं. प्रदोष व्रत रखने से जीवन की सारी परेशानियां दूर होती हैं और सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है. यहां आप पूजा विधि और शिवलिंग पर क्या चढ़ाना शुभ रहेगा यह भी जान सकते हैं. 

कब रखा जाएगा प्रदोष व्रत 
हिंदू पंचांग के मुताबिक ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि का शुभारंभ 28 मई को सुबह 07 बजकर 56 मिनट पर होगा और इसका समापन 29 मई 2026 को सुबह 09 बजकर 50 मिनट पर होगा. ऐसे में प्रदोष व्रत 28 मई दिन गुरुवार के दिन रखा जाएगा. गुरुवार को प्रदोष व्रत रखा जाएगा, इसलिए इसे गुरु प्रदोष व्रत कहा जाएगा. 28 मई को प्रदोष व्रत के दिन शाम 07 बजकर 04 मिनट से रात 09 बजकर 09 मिनट तक भोले शंकर की पूजा का शुभ मुहूर्त रहेगा.

प्रदोष व्रत के लिए पूजा सामग्री लिस्ट
गंगाजल, शुद्ध जल, दूध, दही, शहद, घी, शक्कर, अक्षत, चंदन, बिल्व पत्र, धतूरा, भांग, शमी के पत्ते, आक के फूल, सफेद फूल, कलावा, भस्म, रुई की बत्ती, कपूर, अगरबत्ती, धूप, फल और मिठाई.

ऐसे करें प्रदोष व्रत के दिन भोलेनाथ की पूजा 
1. प्रदोष व्रत के दिन की पूजा सुबह और शाम दोनों समय करना शुभ होता है.
2. सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और फिर साफ कपड़े धारण करें.
3. फिर भगवान शिव के सामने व्रत का संकल्प लें.
4. पूरे दिन सात्विक रहें. संभव हो तो निराहार रहें अथवा फलाहार व्रत रख सकते हैं.
5. मंदिर घर में भगवान शिव और माता पार्वती की मूर्ति या तस्वीर स्थापित करें.
6. शिवलिंग पर पहले जल, फिर पंचामृत और अंत में शुद्ध जल से अभिषेक करें.
7. भगवान शंकर को चंदन, भस्म, बिल्व पत्र, धतूरा, फूल, धूप, दीप, फल और मिठाई अर्पित करें.
8. इसके बाद महादेव के मंत्रों का जाप करें. व्रत कथा और शिव चालीसा का पाठ करें.
9. पूजा के अंत में घी का दीपक और कपूर जलाकर भगवान शिव की आरती करें.

शिवलिंग पर क्या चढ़ाना रहेगा शुभ
1. बेलपत्र:  भगवान शकर को बेलपत्र प्रिय है. ऐसे में प्रदोष व्रत के दिन शिवलिंग पर बेलपत्र जरूर अर्पित करें. बेलपत्र चढ़ाने से महादेव आपकी सभी परेशानियां दूर कर देंगे. बेलपत्र चढ़ाने से वैवाहिक जीवन से जुड़ी परेशानियां भी दूर होती हैं. 

2. जल: प्रदोष व्रत के दिन शिवलिंग पर जल अर्पित से भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त होती है. ऐसा करने से कलह से मुक्ति मिलती है.

3. दूध और दही: प्रदोष व्रत के दिन शिवलिंग पर दूध तथा दही से अभिषेक करने से मानसिक तनाव कम होता है. घर में सुख-शांति बनी रहती है. ऐसा करने से चंद्र दोष शांत होता है.

4. भांग: प्रदोष व्रत के दिन शिवलिंग पर भांग चढ़ाने से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है. भोलेनाथ की कृपा भक्त पर जीवनभर बनी रहती है.

5. अनाज: प्रदोष व्रत के दिन शिवलिंग पर अनाज चढ़ाने से पुण्य फल की प्राप्ति होती है. घर में अन्न-धन की कमी नहीं रहती.


 

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