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Panchak 2026: जुलाई 2026 में लगेगा मृत्यु का महा पंचक, जाने इससे जुड़ी तिथि, समय, सावधानियां और क्या पड़ेगा राशि पर असर

जुलाई 2026 में 4 से 8 जुलाई तक मृत्यु पंचक रहेगा. ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार इस दौरान मेष, कर्क, वृश्चिक और मीन राशि के लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है.

पंचक जुलाई 2026 योग
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 30 जून 2026,
  • अपडेटेड 12:54 PM IST

जुलाई 2026 में एक बार फिर मृत्यु पंचक का संयोग बनने जा रहा है. ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार, जब पंचक की शुरुआत शनिवार से होती है तो उसे मृत्यु पंचक कहा जाता है. इसे पंचक के अपेक्षाकृत संवेदनशील रूपों में गिना जाता है. ऐसे में कई लोग इसकी तिथि, समय और प्रभाव को लेकर जानकारी लेना चाहते हैं. हालांकि, यह भी समझना जरूरी है कि ये ज्योतिषीय मान्यताएं हैं और किसी व्यक्ति पर इसका वास्तविक प्रभाव उसकी व्यक्तिगत कुंडली और ग्रह दशा पर निर्भर करता है.

जुलाई 2026 में कब से कब तक रहेगा मृत्यु पंचक?
जुलाई 2026 का मृत्यु पंचक 4 जुलाई, शनिवार को दोपहर करीब 12:45 बजे शुरू होगा. यह 8 जुलाई, बुधवार को शाम करीब 4 बजे समाप्त होगा. इस दौरान चंद्रमा पंचक के पांच नक्षत्रों में भ्रमण करेगा, जिसके कारण यह योग बनेगा.

क्या होता है मृत्यु पंचक?
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जब चंद्रमा धनिष्ठा, शतभिषा, पूर्वाभाद्रपद, उत्तराभाद्रपद और रेवती नक्षत्रों में रहता है, तब पंचक लगता है. यह अवधि लगभग पांच दिनों की होती है. पंचक किस वार से शुरू हो रहा है, उसी आधार पर उसका नाम और स्वरूप तय होता है. शनिवार से शुरू होने वाला पंचक मृत्यु पंचक कहलाता है.

किन राशियों को रहना चाहिए ज्यादा सतर्क?
ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, मृत्यु पंचक के दौरान मेष, कर्क, वृश्चिक और मीन राशि के लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है. इस दौरान स्वास्थ्य को लेकर लापरवाही न करें. लंबी यात्रा, बड़े आर्थिक फैसले और किसी भी तरह के विवाद से बचने की सलाह दी जाती है.

मृत्यु पंचक में किन कामों से बचने की सलाह दी जाती है?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दौरान कुछ कार्य टालना बेहतर माना जाता है. जैसे-
बड़े आर्थिक निवेश करना
बिना जरूरत जोखिम उठाना
किसी विवाद या झगड़े में पड़ना
बिना तैयारी लंबी यात्रा शुरू करना
जल्दबाजी में महत्वपूर्ण निर्णय लेना
इस दौरान क्या करना शुभ माना जाता है?

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मृत्यु पंचक में भगवान शिव, भगवान विष्णु या अपने इष्ट देव की पूजा करना शुभ माना जाता है. मंत्र जाप, ध्यान और दान-पुण्य करने की भी परंपरा है. श्रद्धा और संयम के साथ किए गए धार्मिक कार्यों को इस अवधि में सकारात्मक परिणाम देने वाला माना जाता है.

जुलाई से दिसंबर तक कब-कब आएगा पंचक?- 
4 जुलाई से 8 जुलाई
31 जुलाई से 4 अगस्त
27 अगस्त से 1 सितंबर
23 सितंबर से 28 सितंबर
21 अक्टूबर से 25 अक्टूबर
17 नवंबर से 22 नवंबर
14 दिसंबर से 19 दिसंबर
हालांकि केवल जून और जुलाई में ही केवल मृत्यु पंचक का योग है, बाकी महीनों में सामान्य पंचक योग हैं. 

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