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अरुण दात्ते ने बनाई है 2025 की वायरल गणपति मूर्ति, एक पैर पर खड़े गणपति बप्पा, सोशल मीडिया पर मचा धमाल

इस गणपति बप्पा की ऊंचाई 22 फीट है और यह झांकी मुंबई के मशहूर कलाकार अरुण डाट्टे द्वारा तैयार की गई है. यह मंडल हर साल समाज में एक नई थीम लेकर आता है और इस साल इसका विषय खास तौर पर कलयुग के रावणों का नाश करना है.

Parel Ganpati Bappa
gnttv.com
  • मुंबई ,
  • 29 अगस्त 2025,
  • अपडेटेड 5:40 PM IST
  • 22 फीट की मूर्ति ने भक्तों को चौंकाया
  • बैलेंस देखकर लोग रह गए दंग

मुंबई के परेल इलाके में इस बार गणपति बप्पा ने ऐसा जलवा दिखाया है कि सोशल मीडिया पर तहलका मचा हुआ है. परेल के महाराजा के गणपति बप्पा इतने वायरल हो चुके हैं कि दूर-दराज से भक्त उनकी भव्य झांकी देखने के लिए उमड़ पड़े हैं. सबसे बड़ी खासियत ये है कि ये बप्पा एक पैर पर खड़े होकर भक्तों को आशीर्वाद दे रहे हैं. इस नायाब और अद्भुत दृश्य को देखकर हर कोई दंग रह गया है.

इस बार की झांकी में बप्पा को दानवों के वध करते हुए दिखाया गया है. यह दानव तीन प्रकार के हैं, एक जो पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने के लिए पेड़ काट रहे हैं, दूसरा जो नशा कर महिलाओं पर अत्याचार कर रहे हैं और तीसरा जो जानवरों के शोषण पर तुले हैं. परेल के महाराजा इन दानवों के लिए काल बनकर आए हैं. यहां का पाण्डाल इस संदेश के साथ समाज को जागरूक भी करता है.

मूर्तिकार अरुण दात्ते ने बनाई है ये वायरल गणपति मूर्ति
इस गणपति बप्पा की ऊंचाई 22 फीट है और यह झांकी मुंबई के मशहूर कलाकार अरुण डाट्टे द्वारा तैयार की गई है. यह मंडल हर साल समाज में एक नई थीम लेकर आता है और इस साल इसका विषय खास तौर पर कलयुग के रावणों का नाश करना है.

82 सालों का इतिहास, लाखों भक्तों की आस्था
परेल के महाराजा का यह मंडल 1943 से समाज में जागरूकता फैलाते आ रहा है. शुरूआत में यह स्थल कामगारों द्वारा स्थापित किया गया था, लेकिन बाद में इसे मिठाईवाला गौरीशंकर शेठ ने बड़े मैदान में स्थानांतरित किया. हर साल लाखों भक्त परेल के महाराजा के दर्शन के लिए आते हैं और इस साल भी श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है.

सोशल मीडिया पर इस मूर्ति की बनावट और बैलेंस की खूब तारीफ हो रही है. कुछ लोगों का कहना है कि यह मूर्ति एक कला का अनोखा नमूना है. परेल के महाराजा और उनके गणपति बप्पा का यह पर्व न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि सामाजिक जागरूकता का सुंदर माध्यम भी है.

-धर्मेंद्र दुबे की रिपोर्ट

-----------समाप्त------------

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