मुजफ्फरनगर से गुजर रही कांवड़ यात्रा में इस बार महिलाओं की भागीदारी भी खास आकर्षण का केंद्र बनी हुई है. हरिद्वार से पवित्र गंगाजल लेकर रोहतक जा रही महिलाओं की एक अनोखी कांवड़ लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच रही है. करीब सैकड़ों महिलाओं का ये जत्था कई वाहनों के काफिले के साथ शिव की भक्ति, नारी की शक्ति का संदेश देते हुए आगे बढ़ रहा है. इस कांवड़ यात्रा का उद्देश्य महिला सशक्तिकरण और महिलाओं के उत्थान का संदेश देना है. दरसअल, हरिद्वार के हर की पौड़ी से 101 लीटर पवित्र गंगाजल लेकर निकली ये विशेष कांवड़ पांच दिन की यात्रा के बाद मुजफ्फरनगर पहुंची है. यहां से ये जत्था अपने गंतव्य रोहतक की ओर प्रस्थान कर रहा है. महिलाओं की ये अनोखी कांवड़ रास्ते भर श्रद्धालुओं और राहगीरों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई.
देश की बेटियां हर क्षेत्र में बढ़ें आगे
रितु टैलेंटेड इंसा के नेतृत्व में निकली इस यात्रा में करीब 25 महिलाएं सीधे तौर पर शामिल थी लेकिन अब जैसे-जैसे ये कावड़ यात्रा अपने गंतव्य की ओर बढ़ रही है, वैसे-वैसे ही इनके साथ सैकड़ों श्रद्धालु भी वाहनों के काफिले के साथ जुड़ रहे हैं. आपको बता दे कि ये कांवड़ विशेष रूप से महिला शक्ति, महिला उत्थान और सशक्त महिला, समृद्ध भारत का संदेश देने के उद्देश्य से लाई जा रही है. शिवभक्त महिलाओं का कहना है कि वे भगवान भोलेनाथ से प्रार्थना कर रही हैं कि देश की बेटियां हर क्षेत्र में आगे बढ़ें, महिलाओं को सम्मान और समान अवसर मिलें तथा समाज में नारी शक्ति और अधिक सशक्त हो. इसी संकल्प के साथ वे यह कठिन कांवड़ यात्रा पूरी कर रही हैं.
आस्था के साथ सामाजिक संदेश का अनोखा संगम
अपनी इस कावड़ यात्रा के दौरान रितु टैलेंटेड महिला शक्ति को कपड़ा नापने के इंची टेप भी रास्ते मे भेंट करते हुए जा रही हैं. पेशे से फैशन डिजाइनर रितु बताती है कि वह अब तक अपनी लाइफ में ऑनलाइन और ऑफलाइन साढ़े तीन लाख बच्चों को फैशन डिजाइनिंग सीखकर उन्हें नौकरियां दे चुकी हैं. रितु टेलेंटेड बताती हैं कि मैं रोजगार देती हूं, बच्चों को जो सिखाती हूं तो वह बच्चे मुझे मिल रहे हैं. रास्ते में हर जगह और वह इंची टेप मांग लेते हैं तो इसलिए वह ढूंढना पड़ता है, जहां रास्ता 10 मिनट में पूरा होना था, वहां एक घंटा लग जाता है तो इसलिए मुझे इंची टेप साथ लेकर ही चलने पड़ रहे हैं. बरहाल आस्था के साथ सामाजिक संदेश का ये अनोखा संगम मुज़फ्फरनगर में लोगों को खूब पसंद आया है. महिलाओं की ये कांवड़ इस बात का संदेश दे रही है कि भगवान शिव की भक्ति के साथ-साथ समाज में नारी सम्मान और महिला सशक्तिकरण भी उतना ही महत्वपूर्ण है.