सावन के पावन महीने में कांवड़ यात्रा पूरे शबाब पर है. हरिद्वार से गंगाजल लेकर लौट रहे शिवभक्तों की भव्य कांवड़ों ने श्रद्धालुओं और आम लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है. दिल्ली-देहरादून नेशनल हाईवे-58, कांवड़ मार्ग और शहर के शिव चौक पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है. इसी बीच एक अनोखी हाइड्रोलिक कांवड़ लोगों के आकर्षण का सबसे बड़ा केंद्र बन गई है. इसकी भव्यता और तकनीक को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग रुककर इसे निहारते नजर आए.
करीब 15 से 16 लाख रुपये की लागत से तैयार की गई इस विशेष कांवड़ में हाइड्रोलिक सिस्टम लगाया गया है. इसकी सबसे खास बात यह है कि हाइड्रोलिक सिस्टम के जरिए भगवान शिव की प्रतिमा अचानक ऊपर-नीचे होती है. यह दृश्य देखते ही श्रद्धालु भावुक हो जाते हैं और हर-हर महादेव के जयकारों से पूरा माहौल भक्तिमय हो उठता है.
30 शिव भक्तों की टोली
इस भव्य कांवड़ को 30 शिव भक्तों की टोली हरिद्वार से गंगाजल भरकर गुरुग्राम तक लेकर जा रही है. पूरी यात्रा करीब 260 किलोमीटर की है. रास्ते में जहां भी यह कांवड़ पहुंचती है, वहां लोग इसकी सुंदरता को देखने के लिए रुक जाते हैं और तस्वीरें व वीडियो भी बनाते हैं.
टोली के सदस्य निखिल राघव ने बताया कि यह उनकी दूसरी भव्य कांवड़ है. इससे पहले भी वे नंदी जी की थीम पर कांवड़ लेकर आ चुके हैं. उन्होंने बताया कि इस बार कांवड़ को पहले से अधिक आकर्षक और अलग बनाने का प्रयास किया गया है. डीजे और अन्य व्यवस्थाओं सहित इस कांवड़ पर करीब 15 से 16 लाख रुपये का खर्च आया है.
निखिल के अनुसार, हाइड्रोलिक सिस्टम इस कांवड़ की सबसे बड़ी विशेषता है. भगवान शिव के अनोखे दर्शन लोगों को भावुक कर देते हैं और यही वजह है कि जहां भी यह कांवड़ पहुंचती है, वहां श्रद्धालुओं की भीड़ अपने आप जुट जाती है. यह भव्य कांवड़ आस्था, तकनीक और श्रद्धा का अनूठा संगम बनकर इस बार की कांवड़ यात्रा में विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई है.
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