नवरात्रि के नौ दिनों तक मां दुर्गा की पूजा और व्रत करने के बाद नवमी के दिन हवन और कन्या पूजन के साथ व्रत का समापन किया जाता है. कुछ लोग अष्टमी के दिन ही व्रत खोल लेते हैं, जबकि पूरे नौ दिनों तक व्रत रखने वाले लोग नवमी को पारण करते हैं. इस दौरान खानपान का ध्यान रखना भी जरूरी है. नौ दिनों तक फलाहार या हल्का भोजन करने के बाद अचानक भारी और मसालेदार खाना खाने से पेट से जुड़ी परेशानियां हो सकती हैं. ऐसे में व्रत खोलते समय कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए, ताकि शरीर को परेशानी न हो और आप सामान्य खानपान की ओर धीरे-धीरे लौट सकें.
व्रत खोलने के लिए लें प्रसाद
नवरात्रि के व्रत का समापन करने के लिए कई घरों में पूजा के बाद प्रसाद ग्रहण करने की परंपरा है. आप अपनी धार्मिक मान्यताओं के अनुसार प्रसाद लेकर व्रत खोल सकते हैं. इसके बाद थोड़ा दूध या हल्का भोजन लें. लंबे समय तक खाली पेट रहने के बाद एक साथ ज्यादा खाने से बचें.
ज्यादा तली हुई चीजें खाने से बचें
नौ दिनों का व्रत खोलते ही ढेर सारी पूड़ियां, पकौड़े या दूसरी तली हुई चीजें खाने से बचना चाहिए. ज्यादा तेल वाला भोजन पेट में भारीपन, गैस और अपच की परेशानी बढ़ा सकता है. शुरुआत थोड़ी मात्रा में भोजन से करें और शरीर की जरूरत के हिसाब से धीरे-धीरे खाना बढ़ाएं.
मसालेदार खाने से बनाएं दूरी
व्रत के बाद तुरंत बहुत तीखा, चटपटा और मसालेदार खाना खाने से पेट में जलन या एसिडिटी हो सकती है. खासकर अगर आपने नौ दिनों तक फल, दूध या हल्का फलाहार ही लिया है, तो अचानक भारी भोजन करने से पाचन संबंधी परेशानी हो सकती है. इसलिए शुरुआत सादे और कम मसाले वाले खाने से करें.
हल्का और सुपाच्य भोजन खाएं
व्रत खोलने के बाद खिचड़ी, मूंग दाल, सादी रोटी और हल्की सब्जी जैसे विकल्प चुन सकते हैं. ये भोजन शरीर को ऊर्जा देने के साथ पाचन के लिए भी आसान हो सकते हैं. पर्याप्त पानी पीना भी जरूरी है. भोजन धीरे-धीरे और थोड़ी मात्रा में खाएं.
केवल मीठा खाकर न खोलें व्रत
व्रत खोलते समय केवल मिठाई, हलवा या दूसरी मीठी चीजें खाने से बचें. इनमें ज्यादा चीनी हो सकती है, जिससे ब्लड शुगर तेजी से बढ़ सकता है. खासकर डायबिटीज के मरीजों को सावधानी रखनी चाहिए. संतुलित भोजन लें, जिसमें कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन और अन्य जरूरी पोषक तत्व शामिल हों.
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