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Shardiya Navratri 2026 Akhand Jyoti: नवरात्रि में बुझ गई अखंड ज्योति? घबराएं नहीं, जानें दोबारा जलाने का सही तरीका

भक्तों के मन में सवाल उठने लगता है कि क्या अखंड ज्योति का बुझना अशुभ होता है और इसे दोबारा कैसे जलाना चाहिए. आइए जानते हैं कि ऐसी स्थिति में क्या करना चाहिए.

Akhand Jyoti
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 13 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 9:37 AM IST

नवरात्रि में मां दुर्गा की पूजा के दौरान अखंड ज्योति जलाने का विशेष महत्व होता है. कई भक्त पूरे नौ दिनों तक माता रानी के सामने दीपक जलाकर अपनी श्रद्धा और भक्ति प्रकट करते हैं. मान्यता है कि अखंड ज्योति घर में सकारात्मकता और सुख-समृद्धि का प्रतीक होती है. लेकिन कई बार तेज हवा, घी या तेल की कमी और बाती छोटी होने के कारण दीपक बुझ जाता है. ऐसे में भक्तों के मन में सवाल उठने लगता है कि क्या अखंड ज्योति का बुझना अशुभ होता है और इसे दोबारा कैसे जलाना चाहिए. आइए जानते हैं कि ऐसी स्थिति में क्या करना चाहिए.

क्या अखंड ज्योति का बुझना अशुभ होता है?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, अखंड ज्योति का बुझना अपने आप में किसी अनहोनी का संकेत नहीं माना जाना चाहिए. कई बार यह तेज हवा, घी की कमी या बाती से जुड़ी परेशानी के कारण होता है. ऐसी स्थिति में घबराने या मन में नकारात्मक विचार लाने की जरूरत नहीं है. पूजा में श्रद्धा और सच्चे मन से की गई प्रार्थना का विशेष महत्व होता है. इसलिए अनजाने में ज्योति बुझने पर शांत रहें और श्रद्धापूर्वक पूजा दोबारा शुरू करें.

अखंड ज्योति बुझ जाए तो क्या करें?
सबसे पहले मन को शांत करें और माता रानी से प्रार्थना करें. इसके बाद एक छोटा दीपक जलाकर उसे देवी के सामने रख सकते हैं.
जिस पात्र में अखंड ज्योति जलाई गई थी, उसे सावधानी से साफ करें. पुरानी और अधजली बाती को निकाल दें.
दीपक में नई रूई की बाती लगाएं और जरूरत के अनुसार घी या तेल डालें. ध्यान रखें कि पात्र में पर्याप्त ईंधन हो.
श्रद्धा के साथ दीपक को फिर से प्रज्वलित करें. चाहें तो पहले से जल रहे दूसरे दीपक की लौ का इस्तेमाल कर सकते हैं. इसके बाद हाथ जोड़कर मां दुर्गा से प्रार्थना करें.
आप 'ॐ दुं दुर्गायै नमः' मंत्र का 11 या 21 बार जाप कर सकते हैं. इससे मन को शांति मिलेगी और पूजा में एकाग्रता बनी रहेगी.

अखंड ज्योति जलाते समय इन बातों का रखें ध्यान
अखंड ज्योति को सुरक्षित और स्थिर जगह पर रखें. इसे सीधे जमीन पर रखने के बजाय किसी मजबूत चौकी पर रख सकते हैं. दीपक को तेज हवा से बचाएं और घी या तेल की मात्रा समय-समय पर जांचते रहें. कांच की चिमनी का इस्तेमाल करें तो पर्याप्त हवा आने-जाने की व्यवस्था रखें और उसे सुरक्षित दूरी पर रखें.

नवरात्रि में पूजा करते समय सबसे जरूरी है कि मन में श्रद्धा और विश्वास बना रहे. अखंड ज्योति बुझने पर इसे लेकर डरने के बजाय सावधानी बरतें और दीपक दोबारा जला लें. धार्मिक परंपराओं में ऐसी स्थिति को लेकर अलग-अलग मान्यताएं हो सकती हैं, इसलिए इसे निश्चित रूप से अशुभ घटना मानने की जरूरत नहीं है.

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