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Panchak October 2026: क्या होता है पंचक... 21 से 25 अक्टूबर तक रहेगा, जानें इसके लागू होने पर क्यों नहीं करने चाहिए भूलकर भी ये काम?

Panchak 2026: ज्योतिष में पंचक को अशुभ माना जाता है. अक्टूबर 2026 में पंचक 21 अक्टूबर से शुरू होकर 25 अक्टूबर 2026 तक रहेगा. पंचक जिस दिन शुरू होता है, उस दिन के अनुसार उसके नाम दिए जाते हैं. इस बार पंचक बुधवार से शुरू हो रहा, जिसे सामान्य या दोषमुक्त पंचक कहा जाएगा. आइए जानते हैं आखिर क्या होता है पंचक और इसके लागू होने पर किन-किन कार्यों को करने की मनाही होती है?

Panchak 2026
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 21 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 10:36 AM IST

पंचक को ज्योतिष की दृष्टि से काफी अहम माना जाता है. ज्योतिष शास्त्र में पंचक काल को बेहद अशुभ माना गया है. इस दौरान कोई भी शुभ कार्य जैसे शादी, गृह प्रवेश, मुंडन, वाहन खरीद आदि नहीं किया जाता है. पंचांग के अनुसार अक्टूबर 2026 में पंचक की शुरुआत 21 अक्टूबर, दिन बुधवार को सुबह 7:00 बजे से हो गई है और इसका समापन 25 अक्टूबर, दिन रविवार को शाम 7:22 बजे होगा. इस तरह पंचक 5 दिनों तक रहेगा. पंचक जिस दिन शुरू होता है, उस दिन के अनुसार उसके नाम दिए जाते हैं. इस बार पंचक बुधवार से शुरू हो रहा, जिसे सामान्य या दोषमुक्त पंचक कहा जाएगा. 

क्या होता है पंचक
ज्योतिष मान्यताओं के मुताबिक पंचक उस समय को कहा जाता है, जब चंद्रमा कुंभ और मीन राशि में रहते हुए पूर्वा भाद्रपद, धनिष्ठा नक्षत्र, शतभिषा, रेवती नक्षत्र और उत्तर भाद्रपद के चारों चरण में भ्रमण करता है. इस दौरान कुल 5 नक्षत्रों को पंचक से जोड़कर देखा जाता है. पंचक का प्रभाव इसके शुरू होने वाले दिन से आंका जाता है. सोमवार के दिन शुरू होने वाले पंचक को राज पंचक, मंगलवार के दिन शुरू होने वाले पंचक को अग्नि पंचक, शुक्रवार के दिन शुरू होने वाले पंचक को चोर पंचक, शनिवार के दिन शुरू होने वाले पंचक को मृत्यु पंचक और रविवार के दिन शुरू होने वाले पंचक को रोग पंचक कहा जाता है. बुधवार और गुरुवार को पंचक दोषमुक्त होती हैं. इन दोनों दिन से शुरू होने वाले पंचक को पंचक ही कहा जाता है. इस बार पंचक बुधवार के दिन से शुरू हो रहा है, ऐसे में यह अन्य पंचक के मुकाबले भारी नहीं होगा. 

पंचक के दौरान भूलकर भी न करें ये काम 

  • विवाह, सगाई सहित ये शुभ कार्य: पंचक लागू होने पर शुभ कार्य जैसे शादी-विवाह, सगाई, गृह प्रवेश, मुंडन और नामकरण नहीं करना चाहिए. इन कामों में विघ्न पड़ सकता है. 
  • दक्षिण दिशा की यात्रा: पंचक के दौरान दक्षिण दिशा में यात्रा नहीं करनी चाहिए. पंचक के दौरान इस दिशा में यात्रा करने से दुर्घटनाओं की संभावना बनी रहती है. 
  • घर की छत और नींव: पंचक के दौरान घर की छत और नींव डालने से जुड़े कुछ कामों को नहीं करना चाहिए. ऐसा करने से घर में लड़ाई-झगड़ा और धन की हानि की संभावना बनी रहती है.
  • चारपाई बुनना: पंचक के समय चारपाई बुनने या इससे जुड़े काम को भी अशुभ माना जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ऐसा करने पर घर की सुख-शांति पर नकारात्मक देखने को मिल सकता है.
  • लकड़ी और घास: पंचक के दौरान लकड़ी और घास को जलाना नहीं चाहिए. ऐसा करने से आग लगने की संभावना रहती है.
  • घर नहीं लाएं ये सामान: पंचक के दौरान लकड़ी और इससे बने सामान, घास आदि को एकत्र करके घर नहीं लाना चाहिए. ऐसा करना अच्छा नहीं माना जाता. 
  • शैय्या का निर्माण: पंचक लागू होने पर शैय्या का निर्माण नहीं करने चाहिए.
  • अंतिम संस्कार: पंचक के समय किसी व्यक्ति की मौत हो जाए तो अंतिम संस्कार विशेष नियमों के साथ करना चाहिए. शांति के लिए शव के साथ पांच पुतले बनाकर जलाए जाते हैं.

 

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