पंचक को ज्योतिष की दृष्टि से काफी अहम माना जाता है. ज्योतिष शास्त्र में पंचक काल को बेहद अशुभ माना गया है. इस दौरान कोई भी शुभ कार्य जैसे शादी, गृह प्रवेश, मुंडन, वाहन खरीद आदि नहीं किया जाता है. पंचांग के अनुसार अक्टूबर 2026 में पंचक की शुरुआत 21 अक्टूबर, दिन बुधवार को सुबह 7:00 बजे से हो गई है और इसका समापन 25 अक्टूबर, दिन रविवार को शाम 7:22 बजे होगा. इस तरह पंचक 5 दिनों तक रहेगा. पंचक जिस दिन शुरू होता है, उस दिन के अनुसार उसके नाम दिए जाते हैं. इस बार पंचक बुधवार से शुरू हो रहा, जिसे सामान्य या दोषमुक्त पंचक कहा जाएगा.
क्या होता है पंचक
ज्योतिष मान्यताओं के मुताबिक पंचक उस समय को कहा जाता है, जब चंद्रमा कुंभ और मीन राशि में रहते हुए पूर्वा भाद्रपद, धनिष्ठा नक्षत्र, शतभिषा, रेवती नक्षत्र और उत्तर भाद्रपद के चारों चरण में भ्रमण करता है. इस दौरान कुल 5 नक्षत्रों को पंचक से जोड़कर देखा जाता है. पंचक का प्रभाव इसके शुरू होने वाले दिन से आंका जाता है. सोमवार के दिन शुरू होने वाले पंचक को राज पंचक, मंगलवार के दिन शुरू होने वाले पंचक को अग्नि पंचक, शुक्रवार के दिन शुरू होने वाले पंचक को चोर पंचक, शनिवार के दिन शुरू होने वाले पंचक को मृत्यु पंचक और रविवार के दिन शुरू होने वाले पंचक को रोग पंचक कहा जाता है. बुधवार और गुरुवार को पंचक दोषमुक्त होती हैं. इन दोनों दिन से शुरू होने वाले पंचक को पंचक ही कहा जाता है. इस बार पंचक बुधवार के दिन से शुरू हो रहा है, ऐसे में यह अन्य पंचक के मुकाबले भारी नहीं होगा.
पंचक के दौरान भूलकर भी न करें ये काम