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Paush Amavasya 2022: इस दिन पड़ रही है साल की आखिरी अमावस्या...क्या है तिथि, किन उपायों को करने से मिलेगा लाभ, जानिए

पौष अमावस्या 23 दिसंबर 2022 को पड़ रही है. ये साल की आखिरी अमावस्या है.पौष अमावस्या के दिन पितरों की शांति के लिए पूजा की जाती है. साल में कुल 12 अमावस्या आती है. इस दिन स्नान दान करके देवी-देवता की पूजा करना अधिक शुभ माना जाता है.

पौष अमावस्या 2022
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 21 दिसंबर 2022,
  • अपडेटेड 3:04 PM IST

हिंदू लोगों में एकादशी, पूर्णिमा और अमावस्या इन सभी दिनों का भी उतना ही महत्व है जितना किसी तीज-त्योहार का. इस साल पौष अमावस्या 23 दिसंबर को पड़ रही है जोकि साल की आखिरी अमावस्या होगी. साल में कुल 12 अमावस्या आती है.

पौष अमावस्या तिथि 2022
पंचांग के अनुसार, पौष अमावस्या तिथि 22 दिसंबर को शाम 07 बजकर 13 मिनट से प्रारंभ हो जाएगी और यह 23 दिसंबर को शाम 03 बजकर 46 मिनट पर खत्म होगी. अमावस्या के दिन को अशुभ दिन माना जाता है. इस दिन और दिनों की तुलना में नकारात्मक ऊर्जा और बुरी शक्तियां अधिक मजबूत होती हैं.

क्या है इस दिन का महत्व?
इस दिन स्नान दान करके देवी-देवता की पूजा करना अधिक शुभ माना जाता है. इसके साथ ही अमावस्या तिथि में पितरों का तर्पण करने से उनकी आत्मा को शांति मिलती है और वह अपने परिवार को सुख-समृद्धि का आशीर्वाद देते हैं. वहीं इस दिन कुछ विशेष चीजें को पानी में डालकर स्नान करने से भाग्य खिल उठता है. धन की प्राप्ति होती है और मां लक्ष्मी की कृपा बराबर बनी रहती है. आइए जानते हैं उनके बारे में...

तिल
धन लाभ के लिए थोड़ा सा तिल पानी में डालकर स्नान करें. इससे मां लक्ष्मी आप पर प्रसन्न होंगी और धन-धान्य का आशर्वाद देंगी. है. इससे व्यक्ति की आर्थिक स्थिति में भी सुधार होता है और घर में समृद्धि आती है. 

दूध 
जिन लोगों की कुंडली में चंद्र दोष है उन्हें पौष अमावस्या वाले दिन पानी में दूध या सफेद चंदन मिलाकर स्नान करना चाहिए. कहते हैं इससे मानसिक शांति और शारीरिक बल मिलता है और दीर्घायु की प्राप्ती होती है.

इलायची-केसर
शास्त्रों के अनुसार अमावस्या पर तीर्थ स्नान से अक्षय पुण्य प्राप्त होता है लेकिन अगर नदी में स्नान करना संभव न हो तो घर पर ही पवित्र नदी का जल को नहाने के पानी में मिलाकर स्नान करने से पुण्य की प्राप्ति होती है. इसके साथ इलायची और केसर भी डाल लें. मान्यता है इससे बुर वक्त जल्दी बीत जाता है और कष्टों से राहत मिलती है.

पीली सरसों
साल की आखिरी अमावस्या के दिन थोड़ी सी पीली सरसों पानी में मिलाकर स्नान करें. इससे दांपत्य जीवन में सुख-शांति आती है और विवाह बाधा दूर होती है. ये उपाय कुंडली में बृहस्पति को मजबूत करता है.

 

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