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Paush Purnima 2026: पौष पूर्णिमा पर सूर्यदेव-चंद्रमा की उपासना से मिलेगा आरोग्य का वरदान, जानिए पूजा के नियम और महाउपाय

साल 2026 की पहली पूर्णिमा पौष माह में 3 जनवरी को है. पौष महीने में पड़ने वाली पूर्णिमा को पौष पूर्णिमा कहते हैं. पौष पूर्णिमा पर सूर्यदेव और चंद्रमा भगवान की उपासना करने से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं और मोक्ष का वरदान मिलता है. इस दिन स्नान, दान और मंत्र जाप का विशेष महत्व है. 

Paush Purnima
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 02 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 6:41 PM IST

पौष पूर्णिमा हिंदू धर्म में एक विशेष तिथि है, जिसमें सूर्यदेव और चंद्रमा भगवान की उपासना का अद्भुत संयोग होता है. इस दिन स्नान, दान और ध्यान करने से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं और मोक्ष का वरदान मिलता है. ज्योतिष के अनुसार, सूर्य आत्मा का प्रतीक है और चंद्रमा मन का कारक है. इनकी उपासना से मानसिक शांति और आरोग्यता प्राप्त होती है. ज्योतिष विशेषज्ञ पंडित शैलेंद्र पांडेय ने पौष पूर्णिमा के आध्यात्मिक और वैज्ञानिक महत्व के बारे में बताया. नए साल 2026 की पहली पूर्णिमा पौष माह में आ रही है. पौष माह में पड़ने के कारण इसे पौष पूर्णिमा कहा जाता है. इस दिन चंद्रमा अपनी सोलह कलाओं से पूर्ण होता है. 3 जनवरी  2026 को पौष पूर्णिमा का व्रत रखा जाएगा.

स्नान और दान की परंपरा
पौष पूर्णिमा पर गंगा और यमुना जैसी पवित्र नदियों में स्नान करने की परंपरा है. माना जाता है कि इस दिन स्नान करने से तन, मन और आत्मा शुद्ध हो जाते हैं. इसके साथ ही, इस दिन दान करने का भी विशेष महत्व है. श्वेत वस्त्र, चावल, दही और मीठी वस्तुओं का दान करने से शुभ फल प्राप्त होते हैं.

मंत्र जाप और पूजा विधि
पौष पूर्णिमा के दिन विशेष मंत्रों का जाप करने से मनोकामनाएं पूरी होती हैं. विष्णु सहस्त्र नाम का पाठ, भगवान नारायण के मंत्र ओम नमो भगवते वासुदेवाय का जाप और नवग्रहों की पूजा से ग्रहों की बाधाएं शांत होती हैं. ज्योतिषी कहते हैं कि सूर्य देव को प्रसन्न करने का सबसे आसान तरीका उन्हें जल अर्पित करना है.

पौष पूर्णिमा का आध्यात्मिक महत्व
पौष पूर्णिमा को शाकम्भरी पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है. इस दिन मां लक्ष्मी की पूजा का विशेष महत्व है. मां लक्ष्मी को खीर का भोग लगाकर सात कन्याओं में बांटने से घर में सुख-समृद्धि आती है. पीपल के पेड़ पर जल चढ़ाने और मिठाई का भोग लगाने से धन लाभ होता है. पौष पूर्णिमा पर किए गए महाउपाय जीवन की धन संबंधी बाधाओं को दूर कर सकते हैं. घी का दीपक जलाकर लक्ष्मी स्रोत का पाठ करने से धन लाभ होता है. इस दिन भगवान विष्णु की पूजा और मंत्र जाप से मोक्ष की प्राप्ति होती है.

पौष पूर्णिमा का अद्भुत संयोग
पौष पूर्णिमा सूर्य और चंद्रमा के अद्भुत संगम का दिन है. इस दिन की गई पूजा और प्रार्थना सीधे प्रभु तक पहुंचती है. जीवन में कोई अधूरी कामना हो तो इस शुभ तिथि पर प्रभु के दरबार में अर्जी लगाएं.

 

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