दिवाली से पहले ग्रहों की चाल में हो रहे बदलाव से कुछ राशियों के जीवन में नए मोड़ आने वाले हैं. इस समय सूर्य और वक्री बुध तुला राशि में होगी, वहीं गुरु कर्क से निकलकर सिंह राशि में 31 अक्टूबर को प्रवेश कर चुका है. 6 नवंबर 2026 को शुक्र तुला से निकलकर कन्या राशि में वास कर रहे हैं और शनि भी मीन राशि में वक्री अवस्था में हैं. ज्योतिष में इन ग्रहों को धन, कारोबार, बुद्धि, रिश्तों और भाग्य का कारक माना जाता है. इनकी विक्री का असर हर राशि के जातकों पर अलग-अलग दिखाई देता है. कुछ जातकों के लिए कमाई के नए रास्ते खुलते हैं, तो किसी के लिए पुराने फैसलों का मानसिक असर पड़ता है. इस दिवाली भी कुछ राशियों के जातकों के जीवन में कुछ ऐसे ही बदलाव देखने के मिल रहे हैं.
कन्या राशि
कन्या राशि के जातकों के लिए दिवाली के आसपास पैसों से जुड़े मामलों में बदलाव हो सकता है. सूर्य और वक्री बुध दूसरे भाव में होने से आमदनी, बचत और परिवार से जुड़े आर्थिक फैसलों पर ध्यान जाएगा. रुका हुआ पैसा मिलने की उम्मीद बन सकती है, लेकिन खर्च भी बढ़ सकते हैं. शुक्र के राशि में आने से व्यक्तित्व और रिश्तों में आकर्षण बढ़ सकता है. हालांकि, जल्दबाजी में कोई आर्थिक फैसला लेने से बचना बेहतर रहेगा.
सिंह राशि
सिंह राशि में गुरु का प्रवेश जातकों के आत्मविश्वास और फैसले लेने की क्षमता को बढ़ाने वाला माना जा रहा है. नौकरी या कारोबार में नई योजना शुरू करने का विचार आ सकता है. लोगों के बीच आपकी बात को महत्व मिल सकता है. आर्थिक मामलों में भी आगे बढ़ने के मौके बनेंगे. हालांकि, गुरु के साथ केतु की मौजूदगी के कारण किसी बड़े फैसले में उलझन महसूस हो सकती है. इसलिए सोच-समझकर कदम उठाएं.
धनु राशि
धनु राशि के जातकों के लिए यह समय नए संपर्क बनाने और पुराने लोगों से फायदा मिलने का हो सकता है. तुला राशि में सूर्य और बुध की स्थिति आपके लाभ भाव को सक्रिय कर रही है. इससे नौकरी, कारोबार या किसी पुराने प्रोजेक्ट से फायदा मिलने की उम्मीद बन सकती है. गुरु का भाग्य भाव में होना पढ़ाई, यात्रा और नए अवसरों के लिए अनुकूल संकेत दे रहा है.
तुला राशि
तुला राशि के जातकों के लिए सूर्य और वक्री बुध का अपनी ही राशि में होना आत्मविश्वास और बातचीत के तरीके को प्रभावित कर सकता है. पुराने रिश्तों में चल रही उलझनों पर फिर से बात हो सकती है. वहीं गुरु का लाभ भाव में होना आमदनी और सामाजिक संपर्कों के लिहाज से नए अवसर दे सकता है. खर्चों पर नियंत्रण रखना जरूरी होगा, क्योंकि शुक्र के कन्या राशि में जाने से अनावश्यक खर्च बढ़ने की आशंका रह सकती है.
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