रक्षाबंधन भाई-बहन के पवित्र रिश्ते, प्रेम और विश्वास का त्योहार है. इस दिन बहनें अपने भाई की कलाई पर राखी बांधकर उसकी सुख-समृद्धि और लंबी उम्र की कामना करती हैं. राखी बांधने के साथ पूजा की थाली का भी खास महत्व माना जाता है. थाली में रखी हर सामग्री का अपना धार्मिक महत्व होता है. आइए जानते हैं इस साल रक्षाबंधन कब मनाया जाएगा और राखी की थाली में किन चीजों को शामिल करना शुभ माना जाता है.
कब मनाया जाएगा रक्षाबंधन?
वैदिक पंचांग के अनुसार, श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि 27 अगस्त 2026 को दोपहर में शुरू होगी और 28 अगस्त को दोपहर में समाप्त होगी. उदया तिथि के अनुसार रक्षाबंधन का पर्व 28 अगस्त 2026, शुक्रवार को मनाया जाएगा. 28 अगस्त को राखी बांधने का शुभ समय सुबह 5 बजकर 57 मिनट से 9 बजकर 48 मिनट तक बताया गया है.
राखी की थाली में रखें दीपक
राखी की थाली में दीपक या आरती जरूर रखें. मान्यता है कि राखी बांधने के बाद भाई की आरती करने से उसकी बुरी नजर से रक्षा होती है. दीपक को शुभता और सकारात्मकता का प्रतीक भी माना जाता है.
अक्षत और रोली का महत्व
थाली में अक्षत यानी कच्चे सफेद चावल जरूर रखें. पूजा में अक्षत को शुभ माना जाता है. तिलक लगाने के बाद भाई के माथे पर अक्षत लगाया जाता है. इसके साथ ही रोली या कुमकुम भी थाली का जरूरी हिस्सा है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, तिलक को विजय और लंबी उम्र का प्रतीक माना जाता है.
रक्षा सूत्र और मिठाई रखें
राखी के साथ रक्षा सूत्र भी रखा जा सकता है. मान्यता है कि रक्षा सूत्र भाई की सुरक्षा और मंगल की कामना का प्रतीक होता है. इसके अलावा थाली में मिठाई जरूर रखें. राखी बांधने के बाद भाई-बहन एक-दूसरे को मिठाई खिलाते हैं, जिसे रिश्ते में मिठास का प्रतीक माना जाता है.
नारियल भी है शुभ
कई जगहों पर रक्षाबंधन के दिन बहन भाई को नारियल देती है. इसे श्रीफल कहा जाता है और धार्मिक मान्यता में इसे देवी लक्ष्मी से जोड़ा जाता है. मान्यता है कि भाई को नारियल देने से उसके जीवन में सुख-समृद्धि और तरक्की की कामना पूरी होती है.
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