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Ayodhya: रामभक्तों में किया 3000 करोड़ का डोनेशन.. 1500 करोड़ का काम हुआ पूरा, जानें क्या-क्या हुआ तैयार

भव्य मंदिर निर्माण पूर्ण परकोटे में बने छह देवालय भी तैयार ट्रस्ट के अनुसार, भगवान श्रीराम के मुख्य मंदिर के साथ-साथ परकोटे के भीतर भगवान शिव, भगवान गणेश, भगवान हनुमान, सूर्यदेव, देवी भगवती और देवी अन्नपूर्णा के छह मंदिरों का निर्माण भी पूर्ण हो चुका है.

gnttv.com
  • अयोध्या,
  • 30 अक्टूबर 2025,
  • अपडेटेड 9:28 AM IST

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की नवीन जानकारी के अनुसार श्रीराम मंदिर निर्माण हेतु देश-विदेश के भक्तों ने अब तक 3000 करोड़ रुपये से अधिक का दान दिया है. इनमें से लगभग 1500 करोड़ रुपये का कार्य पूरा हो चुका है, जबकि शेष कार्यों पर तेजी से प्रगति हो रही है.

भव्य मंदिर निर्माण पूर्ण परकोटे में बने छह देवालय भी तैयार ट्रस्ट के अनुसार, भगवान श्रीराम के मुख्य मंदिर के साथ-साथ परकोटे के भीतर भगवान शिव, भगवान गणेश, भगवान हनुमान, सूर्यदेव, देवी भगवती और देवी अन्नपूर्णा के छह मंदिरों का निर्माण भी पूर्ण हो चुका है. सभी मंदिरों पर ध्वजदंड और कलश की स्थापना सम्पन्न कर दी गई है. अब पूरे परिसर में 25 नवंबर को होने वाले ध्वजारोहण समारोह की तैयारियां युद्धस्तर पर चल रही हैं.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेजा गया आमंत्रण
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को वृहद ध्वजारोहण उत्सव में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया है. ट्रस्ट के अनुसार, इस समारोह में 8 से 10 हजार विशिष्ट अतिथियों को बुलाया जाएगा. जिनमें वे सभी भक्त भी शामिल होंगे जिन्होंने 2022 से अब तक मंदिर निर्माण में दान दिया है.

रामभक्तों का सम्मान योगदानकर्ताओं को मिलेगा प्रशस्ति पत्र
भवन निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने बताया कि मंदिर निर्माण में योगदान देने वाले सभी व्यक्तियों, संस्थाओं और कंपनियों का विशेष सम्मान किया जाएगा. 25 नवंबर के बाद आयोजित होने वाले ‘सम्मान समारोह’ में सभी सहयोगियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान किए जाएंगे.

मंदिर में एक साथ 8 हजार श्रद्धालुओं के दर्शन की सुविधा
नृपेंद्र मिश्र ने जानकारी दी कि मुख्य मंदिर के पंच मंडप में एक समय में 7 से 8 हजार श्रद्धालु एक साथ दर्शन कर सकेंगे. इसके साथ ही, शहीद स्मारक में धातु के स्तंभ लगाने और अस्थायी मंदिर को मेमोरियल के रूप में संरक्षित करने का निर्णय भी लिया गया है. दो दिवसीय बैठक में यह निर्णय लिया गया कि साल 2025 तक हर परिस्थिति में श्रीराम मंदिर का संपूर्ण निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाएगा. अयोध्या एक बार फिर धर्म, संस्कृति और आस्था का वैश्विक केंद्र बनने की दिशा में अग्रसर है.

-मयंक शुक्ला की रिपोर्ट

 

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