Rama Katha: 10 से ज्यादा देश, 50 से अधिक भाषाएं... किन देशों में प्रचलित हैं राम कथाएं

बॉलीवुड फिल्म 'रामायण' का टीजर रिलीज हो गया है. राम और रामायण दुनिया के 10 से ज्यादा देशों में प्रचलित है. इसमें भारत के अलावा थाईलैंड, इंडोनेशिया, मलेशिया, कंबोडिया, म्यांमार, चीन, तिब्बत जैसे देश शामिल हैं. इंडोनेशिया में 5 और नेपाल में 4 रामकथाएं प्रचलित हैं.

Ramayana
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 03 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 1:42 PM IST

बॉलीवुड के डायरेक्टर नितेश तिवारी ने साल की सबसे चर्चित फिल्मों में से एक 'रामायण' का टीजर रिलीज किया है. इस रिलीज के साथ ही रामायण और राम को लेकर चर्चा होने लगी है. भारत में राम को घर-घर पर जाना जाता है. लेकिन दुनिया के कई ऐसे देश भी हैं, जहां कील लोक कथाओं में भगवान राम के किरदार का जिक्र है. दुनियाभर की 50 से ज्यादा भाषाओं में राम की कहानी लिखी गई है. दुनिया के 10 से ज्याद देशों में रामायण को अलग-अलग रुपों में सुना और पढ़ा जाता है.

10 से ज्यादा देशों में राम की कहानी-
माना जाता है कि 3400 साल पहले वाल्मीकि की रामायण लिखी गई थी. राम का जिक्र ऋग्वेद में भी मिलता है. राम का किरदार रामायण की कथा 10 से ज्यादा देशों में प्रचलित है. इसमें भारत के अलावा इंडोनेशिया, कंबोडिया, थाईलैंड, नेपाल, मलेशिया, म्यांमार, लाओस, चीन, श्रीलंका, मंगोलिया, तिब्बत, पूर्वी तुर्किस्तान, फिलीपींस जैसे देश शामिल हैं.

थाईलैंड में रामायण को रामकियेन कहा जाता है. यह थाईलैंड की राष्ट्रीय ग्रंथ है. इंडोनेशिया में काकाविन रामायण कहा जाता है. इसमें राम, सीता, लक्ष्मण और हनुमान के अलावा कई दूसरे देवी-देवता भी हैं. कंबोडिया में 'रामकर' कहा जाता है. बर्मा में 'यमयान' कहा जाता है. मलेशिया में 'हिकायत सेरी राम' के नाम से जाना जाता है. जबकि चीन में राम से जुड़ी दंत कथाएं प्रचलित हैं. तिब्बत में भगवान राम को रमण के नाम से जाना जाता है. कंबोडिया में 'रामकेतिं' के नाम से प्रचलित है.

50 से ज्यादा भाषाओं में राम कथाएं-
भगवान राम की कहानी अलग-अलग देशों और अलग-अलग भाषाओं में प्रचलित है. भारत में सबसे ज्यादा राम कथाएं ओड़िया भाषा में है. इसमें 13 तरह की रामायण है. जबकि संस्कृत में 7 रामायण लिखी गई हैं. हिंदी में 3 रामायण लिखी गई है. इसमें रामचरितमानस, राधेश्याम रामायण और पद्मचरित शामिल है. तेलुगु में 4 रामायण है. जबकि कन्नड़ में भी 4 राम कथाएं हैं. इसके अलावा असमिया, बांग्ला, मराठी, गुजराती, कश्मीर, मलयालम, तमिल में भी रामायण लिखी गई है.

तुलसीदास की रामचरित मानस अवधी में लिखी गई है. इसके अलावा राम कथा उर्दू और फारसी में भी लिखी गई है.

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