अगर मन में सच्ची आस्था हो तो कुछ भी संभव हो जाता है. ऐसा ही एक वाक्य केदारनाथ धाम में देखने को मिला. जहां एक विकलांग भक्त एक पैर के बल पर बाबा केदार के दर्शनों के लिए पहुंचा.
दरअसल, इन दिनों बाबा केदार के दरबार में भक्तों का मेला लगा हुआ है. हर दिन भारी संख्या में बाबा केदार के भक्त भारी संख्या में दर्शनों के लिए पहुंच रहे हैं. ऐसे में एक साधु भक्त एक पैर के सहारे किसी तरह बाबा केदार के धाम पंहुचा. साधु भक्त का एक पैर नहीं है और वह एक पैर के साथ किसी तरह नीचे बैठते-बैठते केदारनाथ धाम पंहुचा. धाम पहुंचकर भक्त काफी खुश नजर आया, लेकिन पैदल यात्रा मार्ग पर हुई परेशानियों पैर आपत्ति जतायी. भक्त ने कहा कि वह सात दिन में बाबा के धाम पंहुचा है. उन्होंने कहा कि पैदल यात्रा मार्ग पर घोड़े-खच्चरों के चलने के कारण पैदल चलने वाले यात्रियों को परेशानी हो रही है.
वहीं दूसरी और मध्य प्रदेश से 15 यात्रियों का दल पैदल ही बद्री विशाल की यात्रा पर निकला है. 3 मई को चले यह यात्री आज रुद्रप्रयाग पहुंचे. एक सप्ताह के भीतर इनका बद्रीनाथ धाम जाने का लक्ष्य है. बद्री विशाल के दर्शन के बाद ये लोग केदारनाथ सहित गंगोत्री और यमुनोत्री की यात्रा पर पैदल ही निकलेंगे. कड़ी धूप और गर्मी में यह भक्त एक दिन में 100 किमी तक का सफर तय कर रहे हैं. जहां भी रात पड़ रही है, वहीं यह आसरा जमा रहे हैं.
हर रोज 25 से 30 हजार यात्री धाम पहुंच रहे
बता दें कि, इस बार केदार बाबा की यात्रा पुराने सभी रिकॉर्ड को ध्वस्त करते हुए आगे बढ़ रही है. पहली बार एक महीने में साढ़े सात लाख से अधिक बाबा के धाम पहुंचे हैं. धाम आने वाले यात्रियों की संख्या में लगातार वृद्धि होती जा रही है. हर रोज 25 से 30 हजार के बीच यात्री धाम पहुंच रहे हैं. केदारनाथ यात्रा पड़ाव, पैदल यात्रा मार्ग, धाम भक्तों से गुलजार है. सुबह से शाम तक भक्तों की दर्शनों के लिए लम्बी लाइन है. इधर रुद्रप्रयाग जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने कहा कि हमारा उद्देश्य है कि यात्रा सुगम तरीके से संचालित हो. लगातार व्यवस्थाओं का निरीक्षण करते हुए यात्रियों से फीडबैक लिया जा रहा है और यात्रियों को इसी प्रकार की कमी व असुविधा न हो इस पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है.
रिपोर्टर: प्रवीण सेमवाल
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