18 मई को खोल दिए जाएंगे रुद्रनाथ मंदिर के कपाट, क्या है पंच केदार की कथा?

पंच केदार के चतुर्थ केदार रुद्रनाथ मंदिर के कपाट 18 मई को खोले जाएंगे. इस दिन से भक्त भगवान के दर्शन कर पाएंगे. इसकी तैयारी शुरू हो गई है. पहाड़ों में भारी बर्फबारी हो रही है. इसलिए जल्द ही रुद्रप्रयाग से भक्तों के पहुंचने के लिए रास्तों से बर्फ हटाने का काम भी शुरू होगा.

Rudranath Temple
gnttv.com
  • चमोली,
  • 06 मई 2026,
  • अपडेटेड 11:13 AM IST

पहाड़ों पर इन दिनों मौसम की मनमानी चल रही है. इस बीच शिव भक्तों के लिए उत्तराखंड के चमोली में चतुर्थ केदार रुद्रनाथ मंदिर के कपाट जल्द ही खोले जाएंगे. पारंपरिक रीति रिवाज के साथ 18 मई को इस मंदिर के कपाट खोले जाएंगे, जिसकी तैयारी जोरों पर हैं. 

18 मई को खुलेंगे रुद्रनाथ मंदिर के कपाट-
रोज बदल रहे मौसम और भारी बर्फबारी के बीच देवभूमि उत्तराखंड की पावन धरती पर एक बार फिर श्रद्धा और भक्ति का दिव्य माहौल देखने को मिलने वाला है. उत्तराखंड में 18 मई को चतुर्थ केदार रुद्रनाथ मंदिर के कपाट खुलने की तैयारी पूरे धूमधाम के साथ शुरू हो गई है. जिसके तहत प्रशासन ने यात्रा की तैयारियां तेज कर दी हैं. 

पंच केदार मंदिर-
उत्तराखंड में केदारनाथ समेत भगवान शिव के पांच मंदिर हैं. इन पांचों शिव मंदिर समूह को पंच केदार कहा जाता है. इनमें केदारनाथ, तुंगनाथ, रुद्रनाथ, मद्यमहेश्वर और कल्पेश्वर महादेव मंदिर शामिल है. पंच केदार का वर्णन स्कंद पुराण के केदारखंड में किया गया है. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार पंच केदार के मंदिरों का निर्माण पांडवों ने किया था. 

घने जंगलों से 20 किमी का सफर-
पंच केदारों में सबसे कठिन और दुर्गम चढ़ाई वाले इस धाम की विशेषता है कि यहाँ भगवान शिव के 'स्वयंभू' मुख की पूजा नीलकंठ महादेव के रूप में की जाती है. यात्रा के दौरान श्रद्धालु पन्नार और ल्युटी जैसे मखमली बुग्यालों व घने जंगलों से होकर करीब 20 से 22 किलोमीटर की पैदल दूरी तय करते हैं, जहां से नंदा देवी और त्रिशूल जैसी विशाल चोटियों के भव्य दर्शन होते हैं.

रास्ते से बर्फ हटाने का काम जल्द होगा शुरू-
​दरअसल चमोली के ऊंचाई वाले इलाकों में मौसम का मिजाज बिगड़ा हुआ है. जिसके चलते बद्रीनाथ धाम की चोटियों और हेमकुंड साहिब समेत रुद्रनाथ ट्रैक पर लगातार बर्फबारी हो रही है. लेकिन अब जल्द ही मार्ग से बर्फ हटाने का काम भी शुरू कर दिया जाएगा. 

इसी सिलसिले में श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को देखते हुए वन विभाग की टीम ने यात्रा मार्ग का निरीक्षण किया. वन विभाग की रिपोर्ट के आधार पर यात्रा मार्ग को अधिक सुरक्षित, सुगम और यात्री-अनुकूल बनाने के लिए कार्य योजना तैयार की जाएगी. 

हालांकि भारी बर्फबारी के कारण टीम को पैदल मार्ग पर आवाजाही में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. लेकिन दल का मुख्य उद्देश्य यात्रा मार्ग का गहन निरीक्षण कर शासन को विस्तृत रिपोर्ट सौंपना है, ताकि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा के लिए समय रहते पुख्ता इंतजाम किए जा सकें.

(कमल नयन सिलोड़ी की रिपोर्ट)

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