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नीले झंडे, 26 छड़ियां और गोगा जी के जयकारे... सहारनपुर में 800 साल पुराने छड़ी मेले में उमड़ा भक्तों का सैलाब

करीब 800 वर्षों से चली आ रही इस मेले की परंपरा आज भी पूरी श्रद्धा के साथ निभाई जा रही है. शुक्ल पक्ष की दशमी के अवसर पर आयोजित होने वाले इस मेले में नेजा और 26 छड़ियां शोभायात्रा के साथ म्हाड़ी पर पहुंचती हैं. तीन दिन तक चलने वाले इस गुघाल मेले में गोगा जी महाराज के जयकारों से पूरा क्षेत्र गूंज रहा है.

800 साल पुरानी है मेले की परंपरा
राहुल कुमार
  • सहारनपुर ,
  • 21 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 11:03 AM IST

सहारनपुर में इन दिनों आस्था और परंपरा का अनोखा संगम देखने को मिल रहा है. गंगोह रोड स्थित श्री जाहरवीर गोगा जी महाराज की म्हाड़ी पर ऐतिहासिक छड़ी मेला पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ आयोजित हो रहा है. तीन दिन तक चलने वाले इस मेले में दूर-दराज के राज्यों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं. नीले झंडों और निशानों के साथ म्हाड़ी पहुंच रहे श्रद्धालु बाबा के दर्शन कर पूजा-अर्चना कर रहे हैं.

800 साल पुरानी है मेले की परंपरा
शुक्ल पक्ष की दशमी के अवसर पर आयोजित होने वाले इस मेले की परंपरा करीब 800 वर्षों से चली आ रही है. इस दौरान नेजा और 26 छड़ियां शोभायात्रा के साथ गोगा जी महाराज की म्हाड़ी पर पहुंचती हैं. पूरे रास्ते श्रद्धालु बाबा के जयकारे लगाते हैं. इससे पूरा क्षेत्र भक्तिमय नजर आता है.

मनोकामना पूरी होने की मान्यता
मेले में परिवार और संगत के साथ पहुंच रहे श्रद्धालु बाबा की पूजा कर नीले झंडे और निशान चढ़ा रहे हैं. मान्यता है कि गोगा जी महाराज के दरबार में सच्चे मन से मांगी गई मनोकामना पूरी होती है. यही आस्था हर साल हजारों लोगों को यहां खींच लाती है.

श्रद्धालु मोहन भारद्वाज ने बताया कि वह बचपन से ही गोगा जी महाराज की म्हाड़ी पर आते रहे हैं. वहीं रीना अरोड़ा ने इसे सहारनपुर का महत्वपूर्ण धार्मिक मेला बताया. अनूप कुमार के मुताबिक, हर साल बड़ी संख्या में लोग निशान चढ़ाने और बाबा का आशीर्वाद लेने पहुंचते हैं. श्रद्धालु शालिनी गर्ग ने बताया कि वह पिछले 16 वर्षों से लगातार यहां आ रही हैं.

 

सुरक्षा के भी किए गए खास इंतजाम
मेले को लेकर प्रशासन की ओर से भी सुरक्षा और व्यवस्था के विशेष इंतजाम किए गए हैं. जगह-जगह सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं और पुलिस बल तैनात किया गया है. श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए व्यवस्थाओं पर लगातार नजर रखी जा रही है. श्रद्धालु शांतिपूर्वक अपनी परंपरा निभाते हुए पूजा-अर्चना कर रहे हैं. गोगा जी महाराज के जयकारों से पूरा मेला परिसर भक्तिमय नजर आ रहा है. नीले झंडों और छड़ियों के साथ उमड़ रही श्रद्धालुओं की भीड़ सहारनपुर की सदियों पुरानी आस्था और परंपरा की भव्य तस्वीर पेश कर रही है.

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