उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में करवा चौथ को लेकर महिलाओं की तैयारियां शुरू हो गई हैं. बाजारों में खरीदारी के साथ ब्यूटी पार्लर में भी महिलाओं की भीड़ नजर आने लगी है. महिलाएं मेकअप, फेशियल और मेहंदी लगवाने के लिए सैलून पहुंच रही हैं. कोई नए कपड़ों और ज्वेलरी के साथ अपने लुक को खास बनाने में जुटी है, तो कोई हाथों पर मेहंदी लगवाकर करवा चौथ की तैयारियां पूरी कर रही हैं. करवा चौथ मनाने वाली महिलाओं में भी खासा उत्साह देखने को मिल रहा है. लग्जरी सैलून पहुंची महक ने बताया कि वह पहली बार करवा चौथ मनाने को लेकर काफी एक्साइटेड हैं, हालांकि मन में थोड़ी नर्वसनेस भी है. वह करीब एक महीने से त्योहार की तैयारी कर रही हैं और सैलून में डी-टैन, फेस मास्क और आइब्रो जैसी सर्विसेज ले रही हैं.
कोरियन फेशियल का क्रेज- पूनम बाली
मुस्कान लग्जरी सैलून की मेकअप आर्टिस्ट पूनम बाली के मुताबिक, इस बार महिलाओं में कोरियन फेशियल का खास क्रेज देखने को मिल रहा है. पिछले साल हाइड्रा फेशियल की मांग ज्यादा थी, लेकिन इस बार अलग-अलग ब्रांड और क्वालिटी के कोरियन फेशियल महिलाएं पसंद कर रही हैं. पूनम ने बताया कि करवा चौथ से 10 से 15 दिन पहले ही महिलाएं कपड़े, मैचिंग एक्सेसरीज और बैंगल्स की तैयारी शुरू कर देती हैं, जिसके बाद मेकअप और मेहंदी के लिए सैलून पहुंचती हैं. पिछले एक सप्ताह से सैलून में काफी व्यस्तता है. इस बार पूजा की थाली सजाने और चांद देखने के लिए खास छलनी खरीदने को लेकर भी महिलाओं में उत्साह है.
बेटी ऑस्ट्रेलिया में मनाती है करवाचौथ- पूनम
पूनम ने बताया कि उनकी बेटी ऑस्ट्रेलिया से करवाचौथ मनाने आई है और उनके साथ उनकी समधन सुमाता जी भी आई हैं. यह भारतीय संस्कृति और परंपराओं के प्रति लोगों के जुड़ाव को दर्शाता है.
27 साल से करवाचौथ कर रहीं रश्मि ग्रोवर-
27 साल से करवा चौथ मना रहीं रश्मि ग्रोवर का कहना है कि इतने सालों बाद भी त्योहार को लेकर उनका उत्साह पहले जैसा ही है. वह करीब 18 बार लग्जरी सैलून से ही मेहंदी लगवा चुकी हैं और आज भी यहीं मेहंदी लगवाना पसंद करती हैं. रश्मि के मुताबिक, करवा चौथ पर नए कपड़े खरीदने और ज्वेलरी पहनने का शौक हर महिला में बना रहना चाहिए और उम्र कभी भी इस उत्साह के बीच नहीं आनी चाहिए. वह हर साल कम से कम चार जोड़े तैयार करवाती हैं, जिसके लिए करीब एक महीने पहले से तैयारी शुरू कर देती हैं. उन्होंने बताया कि शादी के शुरुआती दिनों में परिवार बहू की तैयारियों को लेकर उत्साहित रहता है, जबकि समय के साथ महिलाएं खुद अपने लिए खास तैयारियां करने लगती हैं, लेकिन त्योहार का क्रेज आज भी बरकरार रहता है.
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