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जानिए सम्मेद शिखर के बारे में, पर्यटक स्थल घोषित होने पर जैन समाज कर रहा विरोध

झारखंड स्थित सम्मेद शिखरजी को पर्यटन स्थल घोषित किए जाने का विरोध तेज होता जा रहा है. केंद्र सरकार के नोटिफिकेशन के विरोध में राजस्थान के सिरोही में जैन समाज के लोगों ने सड़क पर उतर कर विरोध जताया. सैकड़ों की संख्या में महिला, पुरुष और बच्चे जिला कलेक्ट्रेट पहुंचे और राष्ट्रपति व मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा.

राजस्थान के सिरोही में रैली में नारेबाजी करती हुई महिलायें (फोटो: राहुल त्रिपाठी)
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 21 दिसंबर 2022,
  • अपडेटेड 4:12 PM IST

जैन समाज का कहना है कि भारत सरकार ने नोटिफिकेशन जारी कर हमारे पवित्र तीर्थ स्थान सम्मेद शिखरजी को पर्यटन स्थल घोषित किया है. अब पर्यटन स्थल घोषित करने की वजह से वहाँ अधार्मिक गतिविधियां बढ़ जाएंगी. यहां तक कि पर्यटन स्थल होने के कारण वहां मांस मदिरा का सेवन भी हो सकता है. 

जैन समाज सिरोही के अध्यक्ष रमेश सिंघी कहते हैं, 'अगर सम्मेद शिखरजी को पर्यटन स्थल घोषित किया गया तो वहां पर अधार्मिक कार्य होंगे. इससे जैन समाज को गहरा आघात पहुंचा है. हम भारत सरकर से इस नोटिफिकेशन को वापस लेने की मांग कर रहे हैं.'

सम्मेद शिखरजी को पर्यटन स्थल घोषित किए जाने का राजस्थान में कई जगहों पर विरोध हुआ है. जैन समाज के लोगों का कहना है कि गुजरात में भी पालीताना तीर्थ, गिरनार तीर्थ पर आए दिन अधार्मिक गतिविधियां बढ़ रही है. यहाँ तक कि मूर्तियों को भी तोड़े जाने की घटना सामने आई है.

सम्मेद शिखरजी का इतिहास और महत्व

झारखंड के गिरिडीह जिले में पारसनाथ की पहाड़ियों पर स्थित सम्मेद शिखरजी जैन समुदाय का बेहद पवित्र स्थान है. यहां बीस-बीस तीर्थंकरों की निर्वाण स्थली है. मान्यता है कि जिस तरह गंगा में डुबकी लगाने से सारे पाप धुल जाते हैं, उसी तरह सम्मेद शिखरजी की वंदना करने से सभी पापों का नाश हो जाता है.

जैन समाज में ये मान्यता है कि सम्मेद शिखरजी के इस क्षेत्र का कण-कण बेहद ही पवित्र है, पूजनीय है. लाखों जैन मुनियों ने इस क्षेत्र से मोक्ष प्राप्त किया है. जैन समाज के लोग सम्मेद शिखरजी पहुंचकर 27 किलोमीटर के दायरे में फैले मंदिर-मंदिर जाते हैं और वंदना करते हैं. जैन धर्म के लोग वंदना के बाद ही कुछ खाते-पीते हैं. इस पुण्य क्षेत्र में जैन धर्म के 24 में से 20 तीर्थंकरों ने मोक्ष की प्राप्ति की. 

(सिरोही से राहुल त्रिपाठी की रिपोर्ट)

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