Sawan Somwar Vivah Sutra 2026 सावन का महीना भगवान शिव भक्तों के लिए बहुत खास मायने रखता है. इस दौरान भक्त महादेव को प्रसन्न करने के लिए अलग-अलग तरीके से पूजा करते हैं और अपनी मनोकामना उनके सामने प्रगट करते हैं. खासकर सावन के सोमवार को शिवलिंग पर जल और बेलपत्र चढ़ाने की विशेष परंपरा है. मान्यता है कि सच्ची श्रद्धा से की गई शिव पूजा से मन की इच्छा पूरी होने की कामना की जा सकती है. अगर किसी कारणवश आपकी भी शादी में देरी हो रही है, या फिर मनचाहा जीवनसाथी चाहते हैं, तो सावन सोमवार पर बताए गए इस आसान सूत्र को जरूर अपनाएं. जिससे आपकी मनोकामना पूर्ण होगी.
जल्दी विवाह के लिए अपनाएं ये सावन सूत्र
धार्मिक मान्यता के अनुसार, विवाह की इच्छा रखने वाले लोग सावन के सोमवार को अपनी उम्र के बराबर बेलपत्र लेकर भगवान शिव को अर्पित करें. यानी जितनी आपकी उम्र है, उतने ही बेलपत्र शिवलिंग पर सच्चे मन से चढ़ाएं और भगवान से मन चाहे वर की कल्पना करके मांगे.
बेलपत्र चढ़ाते समय मन को शांत रखें और भगवान शिव का ध्यान करते हुए अपनी मनोकामना कहें. पूजा के दौरान किसी तरह की जल्दबाजी न करें और पूरी श्रद्धा के साथ महादेव से प्रार्थना करें.
किसी भी सावन सोमवार को कर सकते हैं ये उपाय
इस उपाय के लिए किसी एक विशेष सोमवार का इंतजार नहीं करना है. बल्कि सावन के किसी भी सोमवार को इसे किया जा सकता है. इस साल सावन के दो सोमवार बचे हैं, एक आज का यानी 17 अगस्त और दूसरा 24 अगस्त 2026. हालांकि, अगर आप 17 अगस्त 2026 को पड़ने वाले तीसरे सावन सोमवार पर यह पूजा करना चाहते हैं तो इस दिन भी बेलपत्र चढ़ाकर अपनी मनोकामना भगवान शिव के सामने रख सकते हैं. मान्यता है कि सावन सोमवार पर शिव आराधना करने से भगवान शिव की कृपा पाने की कामना की जाती है. विवाह से जुड़ी इच्छा रखने वाले भक्त भी इसी विश्वास के साथ यह पूजा करते हैं.
17 अगस्त को तीसरा सावन सोमवार, नाग पंचमी भी
17 अगस्त 2026 को सावन का तीसरा सोमवार है. उत्तर भारत के पंचांग के अनुसार इस साल सावन के सोमवार 3, 10, 17 और 24 अगस्त को पड़ रहे हैं. वहीं 17 अगस्त को ही नाग पंचमी भी है. यानी इस दिन शिव पूजा के साथ नाग देवता की आराधना का भी अवसर रहेगा.
पूजा के मुहूर्त का भी रखें ध्यान
17 अगस्त को नाग पंचमी की पूजा का शुभ समय अलग-अलग पंचांग और शहर के हिसाब से थोड़ा बदल सकता है. उपलब्ध पंचांग गणना में सुबह 6:04 बजे से 8:39 बजे तक का समय दिया गया है, जबकि कुछ स्थानों के पंचांग में करीब 5:51 बजे से 8:29 बजे तक का मुहूर्त बताया गया है. इसलिए अपने शहर के स्थानीय पंचांग के अनुसार समय देखें.
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