Shani Jayanti 2026: आज है शनि जयंती, जानें इस दिन की महिमा और किस समस्या के निदान के लिए कौन से करें उपाय? 

पूरे देश में धूमधाम से 16 मई को शनि जयंती का पर्व मनाया जा रहा है. इस दिन शनि देव की पूजा-अर्चना की जाती है. ऐसी धार्मिक मान्यता है कि शनि जयंती के दिन विधि-विधान से पूजा करने और दान-पुण्य करने से शनि देव की कृपा प्राप्त होती है तथा जीवन की परेशानियां दूर होती हैं. 

Shani Dev
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 16 मई 2026,
  • अपडेटेड 11:08 AM IST

हिंदू धर्म में शनि जयंती का विशेष महत्व माना जाता है. यह दिन भगवान शनि देव की जयंती के रूप में मनाया जाता है. ग्रहों में सबसे ज्यादा प्रभावशाली ग्रह शनि माने जाते हैं. ग्रहों में शनि देव की जयंती मनाई जाती है. माना जाता है कि शनि देव का प्राकट्य ज्येष्ठ कृष्ण अमावस्या को हुआ था. इसी दिन शनि देव की जन्म जयंती मनाई जाती है.

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन सूर्य देव और छाया के पुत्र शनि देव का जन्म हुआ था. इस पर्व को शनिश्चरी अमावस्या और शनि अमावस्या के नाम से भी जाना जाता है. शनि जयंती के दिन संध्याकाल में शनि देव की विशेष पूजा की जाती है. इसके साथ ही शनि कृपा के लिए विशेष उपाय किए जाते हैं. 16 मई दिन शनिवार को पूरे देश में शनि जयंती का पर्व मनाया जा रहा है. ऐसी धार्मिक मान्यता है कि शनि जयंती के दिन विधि-विधान से पूजा करने और दान-पुण्य करने से शनि देव की कृपा प्राप्त होती है तथा जीवन की परेशानियां दूर होती हैं. 

शनि जयंती पर किस प्रकार करें शनि देव की उपासना: शनि जयंती पर शनिदेव की पूजा संध्याकाल में ही करें. संध्याकाल में स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें. इसके बाद पहले भगवान शिव या श्रीकृष्ण भगवान की उपासना करें. फिर शनिदेव के मंत्र का यथाशक्ति जप करें. इसके बाद पीपल के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं. शनिदेव से कृपा की प्रार्थना करें. फिर निर्धनों को अन्न, वस्त्र और बर्तनों का दान करें. 

नौकरी संबंधी कोई समस्या है तो शनि जयंती पर क्या उपाय करें: शनि जयंती पर पीपल के नीचे तीन दीपक जलाएं. इसके बाद कम से कम 11 माला शनि मंत्र का जप करें. मंत्र होगा ॐ शं शनैश्चराय नमः. मंत्र जप के बाद निर्धनों को खाने की वस्तु का दान करें. 

स्वास्थ्य संबंधी कोई समस्या है तो शनि जयंती पर क्या उपाय करें: शनि जयंती पर एक लोहे का छल्ला ले आएं. इसको सरसों के तेल से शुद्ध कर लें. इसके बाद शनि के तांत्रिक मंत्र का जप करें. मंत्र होगा ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः. जप के बाद लोहे का छल्ला धारण कर लें. किसी निर्धन को काले वस्त्र का दान करें. 

धन संबंधी समस्या है तो शनि जयंती पर क्या उपाय करें: शनि जयंती पर एक काला कपड़ा ले लें. उसमें नारियल और कुछ धन रखें. इसको सामने रखकर शनि मंत्र का जप करें. मंत्र होगा ॐ शं शनैश्चराय नमः. जप के बाद आर्थिक समस्या के दूर हो जाने की प्रार्थना करें. वस्त्र के साथ सारा सामान दान कर दें. 

शनि की साढ़ेसाती या ढैया चल रही हो तो शनि जयंती पर क्या उपाय करें: शनि जयंती की रात्रि को एक दीपक जलाएं. पश्चिम दिशा की तरफ चेहरा करके बैठें. अपने सामने कोई फल या मिठाई रख लें. इसके बाद शनि देव के तांत्रिक मंत्र का जप करें. मंत्र होगा ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः. अगले दिन सुबह फल और मिठाई का दान करें. 

शनि की खराब दशा चलने पर क्या उपाय करें: नित्य प्रातः काला तिल डालकर सूर्य देव को जल अर्पित करें. नियमित रूप से दशरथ कृत शनि स्रोत का पाठ करें. तामसिक भोजन का प्रयोग बंद कर दें. 

 

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