श्री कृष्ण जन्मभूमि मथुरा में इस वर्ष भगवान श्री कृष्ण का 5253वां जन्मोत्सव बेहद भव्य और दिव्य तरीके से मनाने की तैयारियां चल रही हैं. इस बार जन्मोत्सव में भक्ति और अलौकिकता के साथ काशी, मथुरा और अयोध्या की दिव्य त्रिवेणी भी देखने को मिलेगी. श्रद्धालुओं के लिए ठाकुर जी का विशेष श्रृंगार और जन्मोत्सव की तैयारियां खास आकर्षण का केंद्र रहने वाली हैं.
कलहंस पुष्प बंगले में विराजेंगे ठाकुर जी
श्री कृष्ण जन्मस्थान पर इस बार श्रद्धालुओं को भगवान श्री कृष्ण के बेहद अलौकिक रूप के दर्शन होंगे. जन्मोत्सव के मौके पर ठाकुर जी 'कलहंस पुष्प बंगले' में विराजमान होंगे. पुष्प बंगले को पत्र, फूल, वृक्ष और खास तौर पर हंस की सुंदर आकृतियों से सजाया जा रहा है. पूरे परिसर में इस विशेष सजावट के जरिए भगवान श्री कृष्ण के जन्मोत्सव को भव्य रूप देने की तैयारी है.
पंचरत्नी पोशाक में दिखेगा कान्हा का रूप
इस बार कन्हैया जी के श्रृंगार में एक और खास चीज देखने को मिलेगी. भगवान श्री कृष्ण दुर्लभ 'पंचरत्नी पोशाक' धारण करेंगे. इस पोशाक पर समुद्र मंथन से निकले 14 रत्नों में से 5 विशेष रत्नों को उकेरा गया है. यही खास पोशाक इस बार जन्मोत्सव के प्रमुख आकर्षणों में शामिल होगी.
काशी से आएगा ठाकुर जी के लिए खास सामान
इस जन्मोत्सव में काशी, मथुरा और अयोध्या का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा. काशी विश्वनाथ धाम से ठाकुर जी के लिए दिव्य वस्त्र, फल, सुगंधित द्रव्य और मिठाइयां भेजी जा रही हैं. वहीं, अयोध्या की श्री राम जन्मभूमि से लड्डू गोपाल के लिए लड्डू, फल, मेवे और महाभिषेक की पवित्र सामग्री भेजी जा रही है.
शोभायात्रा के साथ जन्मभूमि पहुंचेंगे प्रसाद
काशी और अयोध्या से आने वाली इन सभी सामग्रियों और प्रसादों को एक भव्य और दिव्य शोभायात्रा के रूप में श्री कृष्ण जन्मस्थान में प्रवेश कराया जाएगा. इस तरह जन्मोत्सव में सनातन की तीन प्रमुख पुरियों की धार्मिक और आध्यात्मिक झलक एक साथ देखने को मिलेगी.
जन्मोत्सव पर दिलाया जाएगा 'गौ रक्षा, राष्ट्र रक्षा' का संकल्प
इस बार जन्मोत्सव का एक अहम हिस्सा 'गौ रक्षा, राष्ट्र रक्षा' का महासंकल्प भी होगा. संस्थान की ओर से संदेश दिया गया है कि गौ की रक्षा होगी तो राष्ट्र और सनातन की रक्षा होगी. जन्मभूमि पहुंचने वाले श्रद्धालुओं के साथ-साथ टीवी और संचार माध्यमों से जुड़े भक्तों को भी गौ सेवा और गौ रक्षा का संकल्प दिलाया जाएगा.
विद्युत सज्जा भी रहेगी खास
श्री कृष्ण जन्मस्थान परिसर के बाहर की गई नयनाभिराम विद्युत सज्जा भी श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहेगी. परिसर में प्रवेश से पहले ही यह रोशनी और सजावट भक्तों को भावविभोर करने वाली होगी.
श्रद्धालुओं के लिए की जा रही खास तैयारी
संस्थान का प्रयास है कि दूर-दूर से मथुरा पहुंचने वाले सभी श्रद्धालु भगवान श्री कृष्ण के 5253वें प्राकट्य उत्सव के दर्शन सुव्यवस्थित और सुंदर तरीके से कर सकें. इस पूरे आयोजन में धर्म, आस्था और सनातन की विशेष झलक देखने को मिलेगी.
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