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Tilak: तिलक लगाने से जागता है सोया हुआ भाग्य, जानिए इसका आध्यात्मिक और वैज्ञानिक महत्व

तिलक लगाने के आध्यात्मिक और वैज्ञानिक महत्व है. शास्त्रों के अनुसार माथे पर तिलक लगाने से न केवल कुंडली के दोष दूर होते हैं, बल्कि यह ग्रहों की ऊर्जा को भी संतुलित करता है. चंदन का तिलक लगाने से हमारा मन-मस्तिष्क बिल्कुल शांत हो जाता है और हमारे विचारों में शुद्धि आ जाती है. 

Tilak (File Photo: PTI)
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 07 दिसंबर 2025,
  • अपडेटेड 7:33 PM IST

भारतीय संस्कृति में तिलक का महत्व सदियों से चला आ रहा है. यह न केवल धार्मिक अनुष्ठानों का हिस्सा है बल्कि इसके पीछे गहरे आध्यात्मिक और वैज्ञानिक कारण भी हैं. आइए तिलक के विभिन्न पहलुओं को समझते हैं. तिलक भारतीय परंपरा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है. माथे पर तिलक लगाने से न केवल पूजा संपन्न होती है बल्कि यह व्यक्ति को ईश्वरीय शक्ति से जोड़ता है. शास्त्रों के अनुसार तिलक लगाने से मस्तिष्क की पत्रिकाएं शांत होती हैं और मन एकाग्र होता है.

तिलक के प्रकार और लाभ
तिलक लगाने के लिए चंदन, कुमकुम, केसर और भस्म का उपयोग किया जाता है. चंदन का तिलक मानसिक शांति प्रदान करता है, जबकि कुमकुम का तिलक आकर्षण बढ़ाता है. केसर का तिलक यश और सफलता दिलाता है.

ग्रहों की ऊर्जा संतुलित करने में तिलक की भूमिका
तिलक का उपयोग कुंडली के दोषों को दूर करने और ग्रहों की ऊर्जा को संतुलित करने के लिए किया जाता है. उदाहरण के लिए लाल चंदन का तिलक सूर्य को मजबूत करता है, सफेद चंदन चंद्रमा को और केसर का तिलक बृहस्पति को प्रसन्न करता है.

चंदन का तिलक सबसे शुभकारी
चंदन का तिलक न केवल आध्यात्मिक उन्नति में सहायक है बल्कि यह स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी है. चंदन की ठंडी तासीर मन को शांत करती है और क्रोध को नियंत्रित करती है. इसके नियमित उपयोग से नकारात्मक ऊर्जा से बचाव होता है.

तिलक लगाने की विधि
शास्त्रों में तिलक लगाने की सही विधि बताई गई है. स्नान के बाद पहले अपने इष्ट देव को तिलक लगाएं और फिर स्वयं को. तिलक लगाने के लिए अनामिका अंगुली का उपयोग करें. सूर्य को अर्घ्य देने से स्वास्थ्य लाभ होता है और जीवन में सकारात्मकता आती है. गंगा स्नान और सूर्योदय के समय जल ग्रहण करने से शरीर की बीमारियां दूर होती हैं. भारतीय संस्कृति में तिलक का महत्व केवल धार्मिक नहीं है, बल्कि यह व्यक्ति के मानसिक, शारीरिक और आध्यात्मिक विकास में भी सहायक है. तिलक लगाने की परंपरा को अपनाकर जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है.

 

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