Surya Grahan: 16 या 17 फरवरी... कब लगेगा साल 2026 का पहला सूर्य ग्रहण? जानें भारत में दिखेगा या नहीं

Solar Eclipse 2026: साल 2026 का पहला सूर्य ग्रहण 17 फरवरी को लगने जा रहा है. यह एक वलयाकार सूर्य ग्रहण होगा. आइए जानते हैं यह सूर्य ग्रहण भारत में दिखेगा या नहीं, सूतक काल मान्य होगा या नहीं. 

Solar Eclipse 2026
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 15 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 2:24 PM IST

हिंदू धर्म शास्त्रों में सूर्य ग्रहण (Surya Grahan) को काफी महत्वपूर्ण माना गया है. साल 2026 का पहला सूर्य ग्रहण (Solar Eclipse) फरवरी माह में लगने जा रहा है. यह एक वलयाकार सूर्य ग्रहण होगा, जिसे आम भाषा में रिंग ऑफ फायर (Ring of Fire) भी कहा जाता है. वलयाकार सूर्य ग्रहण के दौरान चंद्रमा सूर्य को पूरी तरह से नहीं ढक पाता. इससे सूर्य का बाहरी हिस्सा एक चमकदार अग्नि की अंगूठी की तरह दिखाई देता है.

आपको मालूम हो कि जब सूर्य और चंद्रमा एक सीध में आ जाते हैं और चंद्रमा, सूर्य के एकदम सामने आकर उसकी रोशनी को आंशिक या पूर्ण रूप से ढक लेता है, तब सूर्य ग्रहण लगता है. आइए जानते हैं साल 2026 का पहला सूर्य ग्रहण भारत में दिखेगा या नहीं, सूतक काल मान्य होगा या नहीं. 

कब लगेगा सूर्य ग्रहण
साल 2026 का पहला सूर्य ग्रहण 17 फरवरी दिन मंगलवार को लगेगा. भारतीय समयानुसार यह सूर्य ग्रहण 17 फरवरी को दोपहर 3:26 बजे शुरू होगा, जो शाम 5:42 बजे अपने मध्यम या चरम अवस्था में पहुंचेगा. इस सूर्य ग्रहण का समापन रात 7:57 बजे होगा. इस तरह लगभग 4 घंटे 32 मिनट तक इस सूर्य ग्रहण का प्रभाव रहेगा. 

सूर्य ग्रहण भारत में दिखेगा या नहीं 
17 फरवरी 2026 को लगने वाला सूर्य ग्रहण भारत में नहीं दिखेगा. इसके कारण इस ग्रहण का सूतक काल भी मान्य नहीं होगा. ऐसे में धार्मिक दृष्टि से कोई नियम लागू नहीं होंगे. भारतीय लोग घर बैठे इस सूर्य ग्रहण के दुर्लभ नजारे को अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष एजेंसियों की वेबसाइटों या ऑनलाइन लाइव स्ट्रीम के माध्यम से देख सकेंगे. NASA की आधिकारिक वेबसाइट, ISRO के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और विभिन्न अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष एजेंसियों के यूट्यूब चैनलों पर इस सूर्य ग्रहण का सीधा प्रसारण उपलब्ध रहेगा.

कहां-कहां दिखेगा सूर्य ग्रहण 
साल 2026 का पहला सूर्य ग्रहण दक्षिण अफ्रीका, नामीबिया, मेडागास्कर, चिली, अर्जेंटीना, जिम्बाब्वे, जाम्बिया, तंजानिया, मॉरिशस, रूस, फ्रांस, इटली, अंटार्कटिका के दूरस्थ इलाकों और हिंद महासागर के दक्षिणी हिस्से में दिखेगा. जो भारतीय इन देशों में रह रहे हैं, उन्हें वहां के स्थानीय समय के अनुसार ग्रहण काल की गणना करनी होगी और शास्त्रीय नियमों का पालन करना होगा.

ज्योतिषियों के मुताबिक जहां ग्रहण दिखाई देता है, वहां ग्रहण काल में पूजा-पाठ और शुभ कार्य नहीं करने चाहिए. ग्रहण काल में घर के मंदिर को ढक देना या बंद कर देना चाहिए. ग्रहण के दौरान भोजन नहीं करना चाहिए. ग्रहण शुरू होने से पहले भोजन कर लेना चाहिए. ग्रहण के दौरान आध्यात्मिक साधना में आप लग सकते हैं. अपने गुरु मंत्र का जाप कर सकते हैं या जिस देवी-देवता में आपकी आस्था हो, उनके नाम का स्मरण कर सकते हैं.


 

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