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Radhe Maa Story: गांव की एक लड़की Sukhwinder Kaur कैसे बन गई राधे मां, जानिए पूरी कहानी

राधे मां के नाम से फेमस सुखविंदर कौर का जन्म 4 अप्रैल 1965 को पंजाब के गुरदासपुर में हुआ था. 17 साल की उम्र में उनकी शादी हो गई थी. लेकिन उन्होंने पारिवारिक जीवन त्याग दिया और आध्यात्मिक मार्ग पर चलने लगी. राधे मां के अनुयायियों की संख्या हजारों में है. इसमें बॉलीवुड के कलाकार भी शामिल हैं. राधे मां का विवादों से भी गहरा नाता रहा है.

राधे मां का जन्म 4 अप्रैल 1965 को पंजाब के गुरदासपुर में हुआ था (फाइल फोटो)
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 04 अप्रैल 2023,
  • अपडेटेड 11:06 AM IST

राधे मां धर्म की दुनिया का जाना पहचाना नाम है. राधे मां खुद को देवी का अवतार बताती हैं. लाखों में उनके समर्थक भी हैं. राधे मां के नाम से फेमस सुखविंदर कौर कई बार विवादों में भी रही हैं. उनके खिलाफ केस दर्ज हो चुका है. उनके समर्थकों पर मारपीट का भी आरोप लगते रहे हैं. लेकिन इसके बावजूद अनुयायियों का उनपर अटूट भरोसा है. राधे मां के आश्रम में सेलिब्रेटीज का जमावड़ा लगता है. चलिए आपको बताते हैं कि गांव की एक लड़की कैसे राधे मां बन गई.

17 साल में हुई थी शादी-
राधे मां का नाम सुखविंदर कौर है. उनका जन्म पंजाब के गुरदासपुर के एक सिख परिवार में हुआ था. घरवाले सुखविंदर कौर को प्यार से बब्बो कहते थे. उनको शुरू से ही पूजा पाठ में दिलचस्पी थी. परिवारवालों के मुताबिक बब्बो में शुरू से ही दैवीय शक्तियां थी. जब ये सिर्फ 17 साल की थीं तो साल 2012 में इनकी शादी पंजाब के ही रहने वाले मोहन सिंह से हो गई. इसके बाद वो दोरंगला से मुकेरिया आ गईं. बताया जाता है कि मोहन लाल मिठाई की एक दुकान पर काम करता था. जबकि सुखविंदर कौर कपड़ा सिलाई का काम करती थीं. लेकिन कुछ समय बाद राधे मां ने आध्यात्मिक जीवन अपना लिया.

सुखविंदर कौर बनीं राधे मां-
सुखविंदर कौर शुरू से ही भगवान शिव की आराधना करती थी. ससुराल आने के बाद एक दिन उनकी मुलाकात श्रीश्री 1008 महंत रामदीन दास से हुई. इसके बाद सुखविंदर ने उनको अपना गुरू मान लिया. इसके बाद वो सत्संग में जाने लगी और जल्द ही उनके अनुयायी भी बढ़ने लगे. इसके बाद वो मुंबई में शिफ्ट हो गईं. इस बीच उनका पहनावा भी बदल गया. अब उनके हजारों भक्त हैं.

सुखविंदर का राधे मां अवतार-
राधे मां बनने के बाद सुखविंदर कौर का तौर-तरीका बदल गया. उनके हाथों में त्रिशूल आ गया. वो झूमझूम कर नाचने लगती हैं और भक्ति में डूब जाती हैं. सोशल मीडिया पर बॉलीवुड कलाकारों के साथ तस्वीरें सामने आती रहती हैं. इसमें रवि किशन, डॉली बिंद्रा, गजेंद्र चौहान और मनोज तिवारी समेत तमाम कलाकार शामिल हैं.

राधे मां का चौकी कार्यक्रम-
राधे मां के भक्तों की संख्या हजारों में है. जब राधे मां किसी चौकी कार्यक्रम में जाती है तो वो भक्तों को दर्शन देती हैं. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस कार्यक्रम का रेट तय है. राधे मां की चौकी का खर्चा 5 लाख से 35 लाख रुपए होता है.

विवादों में राधे मां-
आध्यात्मिक दुनिया से जुड़ने के बाद राधे मां के अनुयायियों में खूब इजाफा हुआ. लेकिन इसके साथ ही विवाद भी खड़े हुए. राधे मां पर कई शहरों में मामले दर्ज हैं. उनके समर्थकों पर मारपीट के आरोप भी लग चुके हैं. बिग बॉस कंटेस्टेंट रहीं डॉली बिद्रा ने साल 2015 में राधे मां के खिलाफ जान से मारने की धमकी देने का केस दर्ज कराया था. इसी तरह से मुंबई के एक बिजनेसमैन मनमोहन गुप्ता ने राधे मां पर बंगाल हड़पने का आरोप लगाया था.

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