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Diwali 2026: दिवाली पूजा के लिए खरीद रहे हैं भगवान की मूर्ति... कैसी होनी चाहिए दुकान के लिए गणेश जी की प्रतिमा, लक्ष्मी जी की मूर्ति खरीदते समय बिल्कुल न करें ये गलती

दिवाली के मौके पर लोगों अपने घर और दुकान में पूजा करते हैं. इस दौरान मां लक्ष्मी और गणेश जी पूजा होती है. ऐसे में लोग बाजार से उनकी प्रतिमा खरीदते हैं. लेकिन प्रतिमा को खरीदते समय भी कुछ खास चीज़ों का ध्यान रखना चाहिए.

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gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 25 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 3:28 PM IST

जैसे ही दिवाली का त्योहार नजदीक होता है, घरों में साफ-सफाई और सजावट का काम शुरू हो जाता है. दिवाली पर लोग भगवान गणेश और माता लक्ष्मी की पूजा करते हैं. मान्यता है कि माता लक्ष्मी धन और सुख-समृद्धि देती हैं, जबकि भगवान गणेश बुद्धि और शुभ कामों की शुरुआत के प्रतीक हैं. दिवाली की पूजा के लिए गणेश-लक्ष्मी की मूर्ति खरीदने के लिए धनतेरस का दिन काफी शुभ रहता है.

गणेश और लक्ष्मी की अलग-अलग मूर्तियां खरीदें

दिवाली की पूजा के लिए भगवान गणेश और माता लक्ष्मी की अलग-अलग मूर्तियां खरीदने की सलाह दी जाती है. ऐसी मूर्तियां चुनें जिनमें दोनों देवी-देवता अलग-अलग हों. इससे पूजा की जगह पर उन्हें सही तरीके से स्थापित करना आसान होता है.

गणेश जी की मूर्ति में इन बातों का रखें ध्यान

  • भगवान गणेश की मूर्ति खरीदते समय देखें कि उनके हाथ में मोदक हो. धार्मिक मान्यताओं में मोदक को खुशी और शुभता का प्रतीक माना जाता है. इसके अलावा मूर्ति में भगवान गणेश का वाहन चूहा यानी मूषक भी होना चाहिए.
  • कुछ धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, गणेश जी की सूंड की दिशा पर भी ध्यान दिया जाता है. घर में पूजा के लिए और दुकान या व्यापार की पूजा के लिए अलग-अलग दिशाओं वाली सूंड की मूर्ति चुनने की परंपरा है.
  • गणेश जी की कई प्रतिमाओं में सूंड बाईं और होती है जिसे वामावर्त या वाममुखी गणेश प्रतिमा कहते हैं. जिनमें सूंड दाईं तरफ होता है उसे दक्षिणावर्ती या दक्षिणमुखी गणेश कहते हैं. जो काफी शुभ मानी जाती है. लेकिन अगर आप दुकान की पूजा के लिए मूर्ति खरीद रहे हैं तो बाईं ओर मुड़ी हुई सूंड वाली मूर्ति खरीदें.

माता लक्ष्मी की मूर्ति कैसी होनी चाहिए?

माता लक्ष्मी की मूर्ति खरीदते समय ऐसी प्रतिमा चुनें जिसमें वे कमल के फूल पर बैठी हों. उनके हाथ से धन और आशीर्वाद मिलने का भाव दिखाई देना चाहिए. धार्मिक मान्यताओं में बैठी हुई माता लक्ष्मी की मूर्ति को पूजा के लिए शुभ माना जाता है. इसलिए कई लोग खड़ी हुई प्रतिमा के बजाय बैठी हुई प्रतिमा खरीदना पसंद करते हैं.

कोशिश करें की मूर्ति हो मिट्टी की?

दिवाली पर मिट्टी से बनी गणेश-लक्ष्मी की मूर्तियां खरीदना एक अच्छा ऑप्शन है. मिट्टी की मूर्तियां पारंपरिक होने के साथ-साथ पर्यावरण के लिए भी बेहतर हो सकती हैं. खासकर ऐसी मूर्तियां चुनें जिनमें प्लास्टिक या दूसरी ऐसी चीजों का इस्तेमाल न किया गया हो.

कुछ धार्मिक मान्यताओं में दिवाली पर हर साल नई मूर्तियों से पूजा करने की परंपरा बताई गई है. यदि घर में पुरानी मिट्टी की मूर्तियां हैं, तो उनका सम्मानपूर्वक विसर्जन किया जा सकता है. वहीं, सोने या चांदी की मूर्तियों को साफ करके दोबारा पूजा में इस्तेमाल करने की परंपरा भी है.

 

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