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Janmashtmi 2026: जन्माष्टमी के दिन लड्डू गोपाल को लगाने जा रहे हैं भोग, तो पहले कर लें ये काम... पूजा-पाठ में नहीं होगी कोई कमी

जन्माष्टमी का दिन कान्हा जी के बाल स्वरूप को समर्पित है. इस दिन आप लड्डू गोपाल जी को भोग लगाते है और व्रत रखते हैं. लेकिन इस सब को करने से पहले आपको किस तरह दिन की शुरुआत करनी है यह काफी अहम होता है.

Janmastmi 2026
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 04 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 7:24 AM IST

जन्माष्टमी भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का त्योहार है. इस दिन घर-घर में लड्डू गोपाल जी की पूजा की जाती है. इस दिन भक्त पूरा दिन व्रत रखते हैं और रात में कान्हा जी के जन्म के समय विशेष पूजा करते हैं. ऐसे में जन्माष्टमी के दिन कुछ खास बातों का और कुछ विशेष चीजों का पालन करना चाहिए.

किस तरह करें सुबह की शुरुआत

जन्माष्टमी के दिन सुबह जल्दी उठना शुभ माना जाता है. उठने के बाद सबसे पहले भगवान श्रीकृष्ण का ध्यान करें. इसके बाद स्नान करके साफ कपड़े पहनें. धार्मिक मान्यता के अनुसार नहाने के पानी में थोड़ा गंगाजल मिलाया जा सकता है. इस दिन पीले, लाल या हरे रंग के कपड़े पहनना शुभ माना जाता है. साथ ही काले कपड़े पहनने से बचने की सलाह दी जाती है.

कैसे करे पूजा और रखें व्रत

स्नान के बाद घर के मंदिर में दीपक जलाएं. इसके बाद हाथ में थोड़ा पानी और फूल लेकर व्रत रखने का संकल्प लें. आप अपने अनुसार व्रत रख सकते हैं. कुछ लोग निर्जला व्रत रखते हैं, जबकि कुछ फलाहार व्रत करते हैं. संकल्प लेते समय भगवान कृष्ण से व्रत पूरा करने की प्रार्थना करें.

जरूरी है मंदिर और घर भी सफाई

जन्माष्टमी के दिन घर के दरवाजे और पूजा वाली जगह की अच्छी तरह सफाई करें. मंदिर, लड्डू गोपाल के झूले और उनके बैठने की जगह को भी साफ करें. धार्मिक मान्यता है कि साफ-सुथरी जगह पर भगवान का आशीर्वाद बना रहता है.

कैसे करें लड्डू गोपाल का स्नान और श्रृंगार

सुबह की पूजा में लड्डू गोपाल को पंचामृत से स्नान कराया जाता है. पंचामृत दूध, दही, घी, शहद और चीनी से बनाया जाता है. इसके बाद उन्हें साफ पानी से स्नान कराएं. साफ कपड़े पहनाकर मुकुट, मोरपंख, बांसुरी और माला से उनका श्रृंगार करें. माथे पर चंदन का तिलक लगाकर उन्हें झूले में बैठाएं.

पहला भोग लगाकर करें मंत्र जाप

श्रृंगार के बाद लड्डू गोपाल को पहला भोग लगाया जाता है. इसमें माखन-मिश्री, दूध और ताजे फल भोग में रखे जा सकते हैं. भोग में तुलसी का पत्ता रखने की भी मान्यता है. इसके बाद शांत मन से 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' या 'हरे कृष्ण' मंत्र का जाप करें. इस तरह जन्माष्टमी की सुबह पूजा और भक्ति के साथ शुरू की जा सकती है.

 

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