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Vaishno Devi Yatra: श्री वैष्णो देवी यात्रा के बीच आया मौसम, अधिकारियों ने लोगों से की अपील... जानें क्यों रोकी यात्रा?

खराब मौसम और लगातार बारिश के चलते श्री माता वैष्णो देवी यात्रा 14 सितंबर से शुरू नहीं हो पाई. श्राइन बोर्ड ने यात्रा को अगले आदेश तक स्थगित किया है. श्रद्धालुओं से अपील है कि वे आधिकारिक अपडेट पर नज़र रखें.

Vaishno Devi Mandir (PTI)
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 14 सितंबर 2025,
  • अपडेटेड 9:48 AM IST

श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने जानकारी दी है कि 14 सितंबर (रविवार) से शुरू होने वाली माता वैष्णो देवी यात्रा को अगले आदेश तक स्थगित कर दिया गया है. बोर्ड ने बताया कि भवन और ट्रैक पर लगातार हो रही भारी बारिश और मौसम की बिगड़ती स्थिति के चलते यह निर्णय लिया गया.

अगस्त में भूस्खलन के बाद रोकी गई थी यात्रा
अगस्त के महीने में भारी बारिश और भूस्खलन के कारण यात्रा मार्ग बाधित हो गया था. कई स्थानों पर भूस्खलन से रास्ते बंद हो गए और श्रद्धालु पहाड़ों पर फंस गए थे. प्रशासन ने तुरंत रेस्क्यू अभियान चलाकर उन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया. इस घटना में 34 लोगों की मौत हो गई थी और करीब 20 लोग घायल हुए थे. इसके बाद यात्रा को रोक दिया गया था.

14 सितंबर से दोबारा शुरू करने की थी तैयारी
श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने पहले घोषणा की थी कि 19 दिन के बाद यात्रा 14 सितंबर से दोबारा शुरू होगी. इसके लिए मार्ग की मरम्मत और सफाई का काम किया गया था. लेकिन फिर से शुरू हुई भारी बारिश और मौसम खराब होने के चलते यात्रा को आगे बढ़ाना संभव नहीं हो पाया.

श्राइन बोर्ड का आधिकारिक बयान
श्राइन बोर्ड ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स (X) पर श्रद्धालुओं को जानकारी दी और लिखा कि जय माता दी! भवन और ट्रैक पर लगातार बारिश होने की वजह से 14 सितंबर से शुरू होने वाली श्री माता वैष्णो देवी यात्रा को अगले आदेश तक स्थगित किया जाता है. भक्तों से निवेदन है कि वे जम्मू-कश्मीर एलजी और आधिकारिक पीआर चैनलों से अपडेट लेते रहें.

खराब मौसम और सुरक्षा कारणों से लिया गया फैसला
अधिकारियों के मुताबिक, यात्रा मार्ग पर कई हिस्सों में अब भी भूस्खलन और बारिश का खतरा बना हुआ है. ऐसी स्थिति में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का ट्रैक पर चढ़ना जोखिम भरा हो सकता है. इसी वजह से यात्रा को अस्थायी तौर पर रोकना आवश्यक हो गया.

सुरक्षा और रखरखाव पर जोर
श्राइन बोर्ड ने बताया कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोपरि है. इस कारण मंदिर तक जाने वाले रास्तों की मरम्मत और रखरखाव किया जा रहा है. जब तक मौसम अनुकूल नहीं होता और ट्रैक पूरी तरह सुरक्षित नहीं बनता, तब तक यात्रा को फिर से शुरू करना संभव नहीं है.

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