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Kashi Vishwanath: काशी विश्वनाथ मंदिर के पुजारियों के लिए खुशखबरी, अब मिलेगा इतना वेतन

काशी विश्वनाथ मंदिर (Kashi Vishwanath Temple) के पुजारियों की तनख्वाह 90 रुपए हजार तक होने वाली है. इसके अलावा सभी संस्कृत के छात्रों को श्री काशी विश्वनाथ मंदिर मुफ्त में ड्रेस और पुस्तकें देगा.

काशी विश्वनाथ मंदिर
रोशन जायसवाल
  • वाराणसी,
  • 09 फरवरी 2024,
  • अपडेटेड 1:43 PM IST
  • काशी विश्‍वनाथ मंदिर के पुजारी को मिलेगी 90 हजार सैलरी
  • स्टूडेंट्स को मिलेंगी फ्री में ड्रेस और किताबें

काशी विश्वनाथ मंदिर (Kashi Vishwanath Temple) के पुजारियों के लिए यह खुशखबरी है. अब उनकी तनख्वाह 90 रुपए हजार तक होने वाली है. ऐसा इसलिए होने वाला है क्योंकि श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास की 105वीं बैठक में 41 साल बाद पुजारी सेवा नियमावली को लेकर सहमति बन गई है. बैठक में यह भी निर्णय लिया गया है कि मंदिर में पुजारियों के कुल 50 पद होंगे और इस पर भारती के लिए विज्ञापन भी जारी किया जाएगा. इसके अलावा यह सभी निर्णय बैठक में लिए गए हैं. जनपद के सभी संस्कृत के छात्रों को श्री काशी विश्वनाथ मंदिर मुफ्त में ड्रेस और पुस्तकें देगा. विश्वनाथ मंदिर पहली बार संस्कृत ज्ञान प्रतियोगिता भी कराएगा.

पुजारियों को मिलेगा इतना वेतन
काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास के अध्यक्ष प्रोफेसर नागेंद्र पांडे की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में चार दशक बाद पुजारी सेवा नियमावली को लेकर भी चर्चा हुई. जिसे न्यास परिषद ने सर्वसम्मत से सहमति प्रदान की गई. दरअसल साल 1983 में मंदिर के अधिग्रहण के बाद से ही पुजारी सेवा नियमावली ठंडे बस्ते में चली गई थी. लेकिन अब नए बदलाव के बाद जब इसे लागू किया जाएगा तब काशी विश्वनाथ मंदिर के मुख्य पुजारी मानदेय 90 हजार रुपए, कनिष्ठ पुजारी को 80000 रुपए और सहायक पुजारी को 65000 बतौर वेतन मिल सकेगा.

संस्कृत प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी
बैठक में मंडलायुक्त कौशल राज शर्मा द्वारा संस्कृत विद्यालयों के कक्षा 6 से लेकर कक्षा 12 तक के सभी बच्चों को निशुल्क में पुस्तक और ड्रेस देने का प्रस्ताव रखा गया, जिस पर न्यास ने इस पुनीत कार्य की सराहना करते हुए तत्काल अनुमोदन और अगले एक दो माह में ही इसको पालन करने पर सहमति व्यक्त की गई. मुख्य कार्यपालक द्वारा संस्कृत विद्यालयों में पढ़ाने वाले शिक्षकों को भी एक-एक सेट पुस्तकों की उपलब्ध कराने की बात कही गई जिस पर न्यास अध्यक्ष द्वारा सहमति प्रदान की गई. बैठक में ट्रस्ट के सदस्यों द्वारा सभी विद्यालयों में वाद्ययंत्र भी देने की बात की गई, जिस पर सहमति प्रदान की गई. काशी विश्वनाथ मंदिर पहली बार संस्कृत प्रतियोगिता आयोजित की जा रही है.

निशुल्क उपलब्ध होगा प्रसाद
काशी में मां अन्नपूर्णा और बाबा विश्वनाथ के आशीर्वाद से कोई भूखा नहीं सोता है. इस तर्ज पर ही शहर के स्टेशन, बस अड्डे और घाटों पर रहने वाले लोगों को प्रतिदिन बाबा का प्रसाद बनाकर वितरण करने का भी प्रस्ताव न्यास में रखा गया. मंदिर के अन्नक्षेत्र में प्रसाद तैयार कर मंदिर के ही वाहनों से पैकेजिंग करने के बाद दोपहर में यह प्रसाद शहर के कुछ जगहों पर बांटा जाएगा, आगे जहां जैसी जरूरत पड़ेगी उन जगहों पर भी यह प्रसाद का पैकेट प्रतिदिन लोगों को निशुल्क उपलब्ध कराया जाएगा. न्यास की बैठक में भूमि और भवन के उपयोग के लिए एक आर्किटेक्ट कंपनी को इन पैनलमेंट करने पर भी चर्चा की गई. आगामी भविष्य में बढ़ती दर्शनार्थियों की संख्या को देखते हुए उनकी सुविधाओं में इजाफा करने का भी निर्णय हुआ. जिसमें भूमि भवन का क्रय कर सड़कों की चौड़ीकरण, पार्किंग आदि पर भी चर्चा की गई.

प्रसाद की अलग रेसिपी तैयार होगी
तिरुपति बालाजी और महाकाल की तर्ज पर श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में भी प्रसाद की एक अलग रेसिपी तैयार करने की चर्चा हुई. जिस पर धार्मिकता को देखते हुए प्रसाद तैयार करने को लेकर सहमती प्रदान की गई. श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास की बैठक में जिलाधिकारी एस राज लिंगम, मंदिर के ट्रस्टी प्रोफेसर चंद्रमौली उपाध्याय, प्रोफेसर बृजभूषण ओझा, पंडित दीपक मालवीय, वेंकट रमन घनपाठी, पंडित प्रसाद दीक्षित, अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी निखिलेश मिश्रा, डिप्टी कलेक्टर शंभु शरण सहित कई अन्य लोग उपस्थित रहे.

 

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